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पंजाब के संगरूर जिले के गांव तूर वंजारा में गुलजार सिंह नाम के शख्स द्वारा जहर खाकर आत्महत्या करने के मामले के बाद अब राजनीतिक तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है. विपक्षी दल लगातार वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को मामले में नामजद करने और उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है. 

बता दें कि 6 अगस्त को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की जनसभा के दौरान गुलजार सिंह ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से नशे के ऊपर सवाल पूछा था. इससे नाराज गांव के सरपंच और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कथित तौर से गुलजार सिंह पर माफी मांगने के लिए दबाव बनाया और परेशान होकर गुलजार सिंह ने अगले दिन जहर खा लिया. सोमवार देर रात लुधियाना के एक अस्पताल में इलाज के दौरान गुलजार सिंह की मौत हो गई.

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मृतक ने मंत्री को ठहराया मौत के लिए जिम्मेदार

मृतक गुलजार सिंह को जब अस्पताल ले जाया जा रहा था तब उसने मोबाइल पर बयान दिया था, जिसमें उसने हरपाल सिंह चीमा और अन्य आरोपियों को भी अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया था. इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, जिनमें से चार की गिरफ्तारी हो गई है. 

मृतक गुलजार सिंह का उसकी मौत के अगले ही दिन अंतिम संस्कार कर दिया गया था. गुरुवार (10 सितंबर) को संगरूर जिला प्रशासन द्वारा गुलजार सिंह के परिवार को लांच लाख रूपये की आर्थिक सहायता का चेक दिया गया है.

हालांकि गुलजार सिंह के परिवार द्वारा एक वीडियो साझा किया गया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि दबाव के चलते गुलजार सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया था और वह चाहते हैं कि गुलजार सिंह ने वीडियो में जिनके भी नाम लिए हैं उनके खिलाफ कार्रवाई हो. 

गुलजार सिंह के परिजनों से मिला बीजेपी प्रतिनिधिमंडल

परिवार द्वारा यह वीडियो साझा करने के बाद विपक्ष एक बार फिर आम आदमी पार्टी पर हमलावर हो गया है. पंजाब भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में गुलजार सिंह के परिवार से मिलने गांव पहुंचा है.

बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल को गांव पहुंचने से पहले विरोध का सामना भी करना पड़ा जब कथित तौर से कुछ आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने काफिले को रोकने की कोशिश की और विरोध किया. 

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाकात

वहीं कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में भी कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से चंडीगढ़ में लोक भवन में मिला और मांग की कि हरपाल सिंह चीमा का नाम भी मामले में जोड़ा जाए और चीमा अपने पद से इस्तीफा दें. 

चन्नी ने भी ऐलान किया कि वह भी गुलजार सिंह के परिवार से मिलने संगरूर जा रहे हैं. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है, क्योंकि गुलजार सिंह दलित समुदाय से संबंध रखता था और आयोग के अध्यक्ष परिवार से मिलने भी संगरूर पहुंचे थे.

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