पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुवार (10 सितंबर) को पंजाब सरकार को कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) के बकाए से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मांगने के लिए 10 दिन का समय दिया.
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यदि सरकार को सुप्रीम कोर्ट से कोई राहत नहीं मिलती है, तो हाईकोर्ट 21 सितंबर को अपना आदेश सुना सकता है.
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क्या मामला है?
दरअसल, हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को सारा DA अदा करने के आदेश दिए हैं, जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. मान सरकार ने एक साथ इतनी बड़ी रकम चुकाने में असमर्थता जताई थी. हाई कोर्ट ने 3 अगस्त 2026 को पंजाब की मान सरकार को लगभग 14,191 करोड़ रुपये के लंबित DA और महंगाई राहत (DR) एरियर का भुगतान करने के निर्देश दिए थे. इसके साथ ही बकाया राशि पर 6 प्रतिशत सालाना ब्याज देने का भी आदेश दिया गया था. इसके अलावा मुख्य सचिव को कंप्लायंस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए भी कहा था.
कर्मचारियों की क्या शिकायत है?
कर्मचारियों ने इसको लेकर कोर्ट में शिकायत की है कि सरकार ने कोर्ट के निर्देशों का पालन अभी तक नहीं किया है. कर्मचारियों का कहना है कि न तो DA का बकाया जारी किया गया और न ही अदालत में कंप्लायंस रिपोर्ट दाखिल की गई. याचिकाकर्ताओं के वकील ने 7 सितंबर की सुनवाई में दावा किया था कि राज्य सरकार DA/DR और बकाया राशि के भुगतान से जुड़े निर्देशों का पालन नहीं कर रही है.
वकील ने यह भी दावा किया था कि बकाया राशि का भुगतान होने तक प्रिंट या सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर विज्ञापन जैसे गैर-जरूरी खर्च न करने के कोर्ट के निर्देश के बावजूद, राज्य सरकार ने 1 सितंबर को पूरे पेज के विज्ञापन जारी किए थे.
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