पंजाब में लगातार हो रहे बिजली कट अब बड़ा राजनीतिक और औद्योगिक मुद्दा बन गए हैं. सोमवार (14 सितंबर 2026) को पटियाला में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बिजली संकट के खिलाफ पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के बाहर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. वहीं, लुधियाना में डाइंग इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारियों ने कई घंटे के बिजली कटों के विरोध में चंडीगढ़ रोड पर धरना देकर यातायात रोक दिया.
राजा वड़िंग ने पंजाब सरकार पर बिजली विभाग के कुप्रबंधन का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बिजली संकट से किसान, मजदूर, व्यापारी और उद्योग प्रभावित हो रहे हैं. वड़िंग ने दावा किया कि महंगी बिजली खरीदने के बावजूद राज्य में लोगों को कटौती का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने बिजली विभाग की स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की.
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निजी थर्मल प्लांटों में कोयले की कमी
सरकार के मुताबिक निजी थर्मल पावर प्लांटों में कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने से बिजली उत्पादन कम हुआ है. 10 सितंबर तक राजपुरा और तलवंडी साबो थर्मल प्लांट में करीब एक सप्ताह का कोयला स्टॉक बताया गया था. इन दोनों प्लांटों की कुल उत्पादन क्षमता 3380 मेगावाट है. कोयले की कमी से करीब 1500 मेगावाट उत्पादन प्रभावित होने का दावा किया गया.
Under the leadership of Punjab Congress President @RajaBrar_INC , Congress workers protested in Patiala against the Mann government’s power mismanagement.@BhagwantMann promised free and uninterrupted electricity, but Punjab is facing long cuts, thermal unit shutdowns and… pic.twitter.com/zWyFGkrcvy
— Punjab Congress (@INCPunjab) September 14, 2026
16,444 मेगावाट के पार पहुंची बिजली मांग
पंजाब में बिजली की मांग 16,444 मेगावाट से अधिक पहुंच गई है. राज्य के तीन सरकारी थर्मल प्लांटों की कुल क्षमता करीब 2300 मेगावाट और निजी प्लांटों की क्षमता 3380 मेगावाट है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि निजी प्लांटों को कोयले की आपूर्ति भारी बारिश से प्रभावित हुई थी. सरकार के मुताबिक कोल इंडिया से अनुमति मिलने के बाद पछवाड़ा खान का कोयला निजी प्लांटों को देने की प्रक्रिया शुरू की गई है.
लुधियाना में उद्योगपतियों ने चंडीगढ़ रोड किया जाम
लुधियाना में डाइंग इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारियों ने बिजली कटों के खिलाफ वर्धमान चौक पर धरना दिया. उद्योगपतियों का कहना है कि कई-कई घंटे बिजली बंद रहने से मशीनें रुक रही हैं और उत्पादन प्रभावित हो रहा. वहीं प्रदर्शन के कारण चंडीगढ़ रोड पर यातायात प्रभावित हुआ. उधर, बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने दावा किया कि पिछले दिन से सुबह तक राज्य में कोई बिजली कट नहीं लगाया गया और राजपुरा व तलवंडी साबो प्लांट की तकनीकी दिक्कतें भी दूर कर दी गई हैं.
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