[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


पश्चिम बंगाल की आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है. ममता बनर्जी की करीबी और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सीधे तौर पर मोदी सरकार को घेरा है. उनका कहना है कि एक तरफ सरकार खुद को सेक्युलर बताती है तो वहीं दूसरी ओर मुस्लिम अधिकारी को टारगेट किया जा रहा है.

महुआ मोइत्रा ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि एक तरफ बीजेपी सरकार ब्रिक्स समिट में प्रेयर रूम बनाकर अपनी सेक्युलर छवि दिखा रही है तो दूसरी तरफ एक मुस्लिम महिला IPS अधिकारी डॉ. बुशरा बानो को सिर्फ अस्सलाम-अलैकुम और जजाकल्लाह कहने पर किनारे कर दिया गया. मीडिया पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ये गोदी मीडिया द्वारा फैलाई जा रही नफरत को ही आगे बढ़ा रहा है. बुशरा, हम आपके साथ हैं.

क्या है पूरा मामला
हाल ही में बुशरा बानो ने अपने सफर के बारे में बताते हुए एक वीडियो शेयर किया था, जिसकी शुरुआत उन्होंने अस्सलामु अलैकुम से की और बीच में इंशा अल्लाह कहा और आखिर में जजाकल्लाह बोलकर वीडियो खत्म किया. उनकी इसी बात को लेकर उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल के गृह सचिव के पास शिकायत दर्ज कराई गई है. 

शिकायत करने वाले संगठनों का कहना है कि एक सरकारी अधिकारी को सार्वजनिक मैसेज में धार्मिक अभिवादन से बचना चाहिए. उन्हें तटस्थ रहते हुए राष्ट्रीय अभिव्यक्ति का इस्तेमाल करना चाहिए. बता दें कि हिंदू लीगल फंड नाम के एक संगठन ने बंगाल के गृह सचिव से शिकायत की है. 

किसने की है शिकायत
हिंदू लीगल फंड संगठन का आरोप है कि IPS अधिकारी बुशरा बानो ने अपने वीडियो में उर्दू और इस्लामिक अभिवादन का इस्तेमाल किया, लेकिन “जय हिंद” या “वंदे मातरम्” जैसे राष्ट्रीय अभिवादन का इस्तेमाल नहीं किया. इसके अलावा संगठन ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि भारतीय राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी भी कार्यरत अधिकारी को सार्वजनिक संवाद में धार्मिक तटस्थता बनाए रखनी चाहिए. उन्होंने गृह सचिव से इस मामले की जांच कराए जाने की मांग की है.

ये भी पढ़ें

TMC नेता अबू ताहिर का बड़ा बयान, ‘नंदीग्राम में जीतेगी BJP’



Source link