संगरूर में मजदूर गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है. इस मामले को लेकर बीजेपी सांसद तरुण चुघ ने गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की. चुघ ने परिवार से मुलाकात के बाद पंजाब में नशे और मामले की जांच को लेकर कई सवाल उठाए. वहीं, हाई कोर्ट ने मामले की जांच को लेकर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
बीजेपी सांसद तरुण चुघ ने संगरूर पहुंचकर मजदूर गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने कहा, ” पंजाब में बहुत भयानक स्थिति है. इतना दर्द हुआ कि मुझे गुरु नानक साहब के वह शब्द याद आ गए, ‘जाबा इति मार पई कुरलाने, तै के दर्द न आया.’ इतना दर्द देने के बावजूद इन्हें डराया जा रहा है, धमकाया जा रहा है.”
CBI करेगी गुलजार सिंह सुसाइड केस की जांच? कल हाई कोर्ट में सुनवाई
उन्होंने आगे कहा, “कसूर केवल इतना है कि इन्होंने खुलेआम बिक रहे नशे की शिकायत की थी. क्या शिकायत करना गुनाह है? क्या अपने विधायक को यह बताना गुनाह है कि हमारे बच्चे नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं? क्या यह बताना गुनाह है? गुलजार सिंह व्हिसलब्लोअर हैं. उन्होंने पंजाब के हर गांव की कहानी बताई है, पंजाब के हर परिवार की कहानी बताई है.”
#WATCH संगरूर, पंजाब: भाजपा सांसद तरुण चुघ ने मजदूर गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की।
उन्होंने कहा, “पंजाब की स्थिति बहुत भयानक है… आज चिट्टा(ड्रग्स) पंजाब को खा रहा है। तानाशाह हुक्मरानों के सिर पर इसका कोई भार नहीं है। अगर वे समय रहते इनकी बात सुनते तो गांव से चिट्टा… pic.twitter.com/Bb1dcBgwl5
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 16, 2026
‘चिट्टा पंजाब को खा रहा है’
तरुण चुघ ने कहा, “उन्होंने बताया कि किस तरह पंजाब के अंदर आज चिट्टा पंजाब को खा रहा है और जो तानाशाह हुक्मरान बैठे हैं, उनके सिर पर इसका कोई भार नहीं है. अगर उस समय इनकी बात को गंभीरता से सुनकर कार्रवाई की जाती, तो गांवों से चिट्टा समाप्त होता और बच्चों का जीवन बचता.”
उन्होंने कहा, “मैं भी आ रहा था. रास्ते में एक माताजी ने मुझे रोककर कहा कि मेरे घर के दो लोग पिछले दो महीनों में चले गए. यह स्थिति पंजाब के हर गांव की है और जिस तरह अत्याचार किया गया है, मैं हैरान हूं. पहले तो व्हिसलब्लोअर को दबाव में लाया गया, डराया गया और धमकाया गया. उसके परिवार को तबाह करने की धमकियां दी गईं.”
पुलिस की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
चुघ ने कहा, “जब उसने आत्महत्या का प्रयास किया, तो उसे अस्पताल ले जाने की बजाय सात घंटे तक पुलिस इधर-उधर घुमाती रही. जब तक उसकी मौत नहीं हो गई, तब तक पुलिस यह जांच करती रही कि वह मरा है या नहीं.”
उन्होंने आगे कहा, “फिर उसके अंतिम संस्कार के समय जिस तरह का अत्याचार किया गया, वह हैरान करने वाला है. यह ऐसा भाईचारे वाला परिवार है, भाई साहब, वहां लोग अंतिम संस्कार नहीं करना चाहते हैं. लोग चाहते हैं कि न्याय हो. मुझे बताया गया कि 15 लीटर तेल डालकर, डीजल डालकर अंतिम संस्कार कर दिया गया. यह कौन सा न्याय है पंजाब के अंदर?”
चुघ ने कहा, “भगवंत मान साहब, यह कौन सी सरकार है? और जिस तरह जातिसूचक शब्दों का प्रयोग इनके पिताजी के साथ किया गया, उन्हें डराया गया, यह पंजाब की भयानक स्थिति है, बहुत भयानक.”
फिरोजपुर में जमीनी विवाद में भतीजे की हत्या, ताऊ ने चलाई गोलियां
हाई कोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट
गुलजार सिंह आत्महत्या मामले में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में आज PIL पर सुनवाई हुई. कोर्ट ने पंजाब पुलिस से मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है. हालांकि, स्टेटस रिपोर्ट कितने दिन में दाखिल करनी है, इसको लेकर अभी स्पष्टता नहीं है. मामले में अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी.
चंडीगढ़ में दिर्बा की DSP रुपिंदर कौर बाजवा ने कहा, “माननीय मुख्य न्यायाधीश ने दो बातें कही हैं. पहली, उन्होंने मामले की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. दूसरी, उन्होंने निर्देश दिया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि मामले की जांच ठीक तरीके से हो.”