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Biogas Production: देश ने पिछले कुछ महीनों से गैस की खूब किल्लत देखी है. होर्मुज ब्ल़क होने के बाद देश की आयात होकर आने वाली गैस कुछ समय के लिए रुक गई थी. लेकिन अब सरकार आगे ऐसे किसी भी हालातों से निपटने के लिए खुद को सक्षम बना रही है. इसी कड़ी में अब कूड़े- कचरे और गोबर से बायोगैस बनाई जाएगी. इसके लिए सरकार एक योजना लेकर आई है, जिसे कैबिनेट की बैठक में मंजूरी भी मिल गई है.

कौन सी है ये योजना?
दरअसल केंद्र सरकार ने गुरुवार को गोबरधन (GOBARdhan – Galvanising Organic Bio Agro Resources Dhan) योजना को कैबिनट में मंजूरी दे दी. इस योजना पर 23 हजार 731 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसका मकसद अगले 10 साल में देश में कंप्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन कई गुना बढ़ाना, किसानों की आय बढ़ाना और आयात होने वाले ईंधन पर निर्भरता कम करना है.

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सरकार ने दी जानकारी
इस बारे में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि, ये योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी. इसके तहत सरकार बायोगैस उत्पादकों को गैस की खरीद की गारंटी, तय कीमत, पूंजी सहायता, पाइपलाइन कनेक्शन, आसान कर्ज और नई तकनीक जैसी सुविधाएं देगी. सरकार का ये भी कहना है कि खेतों में बचने वाले अवशेष, गोबर, चीनी मिलों का प्रेसमड, शहरी जैविक कचरे और दूसरे बायोमास से स्वच्छ ईंधन और जैविक खाद बनाई जाएगी. इससे किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों की आय बढ़ेगी और देश को आर्थिक फायदा होगा.

देश में खुलेंगे CBG प्लांट
ये योजना पहले से चल रही SATAT, मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस, बायोमास एग्रीगेशन मशीनरी, डेवलपमेंट ऑफ पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर और नेशनल बायोएनर्जी प्रोग्राम जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाएगी. इन योजनाओं के तहत अब तक देश में 200 से ज्यादा CBG प्लांट शुरू हो चुके हैं. योजना के तहत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां सरकार के तय लक्ष्य के अनुसार CBG खरीदेंगी. 

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