कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद में बदलाव की चर्चाओं के बीच हुई इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है.
मुलाकात के बाद राजा वडिंग के इस्तीफे की खबर पर रंधावा ने कहा कि उन्होंने इस्तीफा दिया है या उनसे इस्तीफा लिया गया है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है और इस बारे में कांग्रेस नेतृत्व ही बता सकता है. रंधावा ने कहा कि उनकी मुलाकात राजस्थान के संदर्भ में हुई है. उन्होंने कहा कि मैं राजस्थान का इंचार्ज भी हूँ, मैंने अपने स्टेट की बात की है और आपको पता ही है कि जिस टॉपिक के ऊपर मीटिंग होती है, वो ही टॉपिक रहता है.
रंधावा इसके साथ ही हम (पंजाब) चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार हैं. हम जबरन वसूली, गैंगस्टरवाद, कानून-व्यवस्था, युवाओं और राज्य की अर्थव्यवस्था के मुद्दों पर चुनाव लड़ेंगे.
अनुशासनात्मक कार्रवाई के दिए संकेत
सूत्रों के मुताबिक, खरगे और केसी वेणुगोपाल से मुलाकात के तुरंत बाद सुखजिंदर सिंह रंधावा पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से मिलने पहुंचे. बताया जा रहा है कि रंधावा ने कांग्रेस नेतृत्व के साथ हुई बातचीत की पूरी जानकारी चन्नी को दी. सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व की ओर से पंजाब के नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि पार्टी के फैसलों के साथ सभी नेताओं को चलना होगा. साथ ही नेतृत्व को चुनौती देने वाले नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.
वहीं, गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार पंजाब में ड्रग्स और ड्रोन के जरिए सीमा पार से आतंकवाद और नशे की सप्लाई का मुद्दा उठाती रही है, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.