[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


कुरुक्षेत्र के शाहाबाद की रहने वाली ओलंपियन और भारतीय महिला हॉकी टीम की वाइस-कैप्टन नवनीत कौर ने एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया. भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इस जीत के साथ भारत ने महिला हॉकी में 44 साल के गोल्ड के सूखे को खत्म कर दिया. साथ ही टीम ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक-2028 का सीधा टिकट भी हासिल कर लिया.

नवनीत कौर का इस पूरे टूर्नामेंट में प्रदर्शन बेहद शानदार रहा. उन्होंने कुल 10 गोल किए. इनमें 7 फील्ड गोल, 2 पेनल्टी कॉर्नर और एक पेनल्टी स्ट्रोक का गोल शामिल रहा. फाइनल मुकाबले में भी नवनीत लगातार सक्रिय रहीं और वाइस-कैप्टन की जिम्मेदारी निभाते हुए टीम को संभालती नजर आईं.

रोहतक: कांग्रेस भवन के बाहर 0001 वाली गाड़ी में मिला वकील का शव! पू्र्व पार्षद के थे पति

नवनीत के पिता बूटा सिंह ने बेटी और भारतीय टीम की जीत पर खुशी जताई. उन्होंने बताया कि फाइनल के आखिरी मिनट तक परिवार की सांसें अटकी हुई थीं. चीन की टीम लगातार मैच में वापसी की कोशिश कर रही थी.

आखिरी मिनट तक अटकी रहीं सांसें

बूटा सिंह ने कहा, “लास्ट मूवमेंट तक सांसें अटकी हुई थीं. करीब एक मिनट बचा था. तभी नवनीत के पास बॉल आई. उसने बॉल अपने कब्जे में कर ली. इसके बाद चीन को ज्यादा नजदीक नहीं आने दिया. उसी समय उम्मीद हुई कि अब गोल्ड हमारा है.”

उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ रहा था, परिवार की चिंता भी बढ़ती जा रही थी. लेकिन आखिरी पलों में नवनीत ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और टीम को बढ़त बचाने में मदद की.

वाइस-कैप्टन के तौर पर संभाली टीम

बूटा सिंह के मुताबिक, नवनीत को टीम में बड़ी जिम्मेदारी दी गई थी. कप्तान ने उस पर भरोसा जताया और उसे आगे रहकर टीम के खेल को संभालने की जिम्मेदारी दी. वह मैदान पर लगातार दूसरी खिलाड़ियों को समझा रही थीं और जरूरत के हिसाब से अटैक के साथ डिफेंस में भी मदद कर रही थीं.

मैच खत्म होने के बाद बूटा सिंह की नवनीत से बात भी हुई. जीत के बाद नवनीत काफी खुश और एक्साइटेड थीं. वहां जश्न का माहौल था और गाने बज रहे थे. हालांकि शोर ज्यादा होने की वजह से उनकी आवाज ठीक से सुनाई नहीं दे रही थी. बूटा सिंह ने बताया, “बेटी बहुत एक्साइटेड थी, बोली-पापा बाद में बात करते हैं.”

बूटा सिंह ने बताया कि जीत के बाद कोच ने भी उन्हें बधाई दी. उन्होंने पहले ही बता दिया था कि टीम गोल्ड जीतेगी. बूटा सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ नवनीत या उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरी भारतीय टीम की मेहनत का नतीजा है.

उन्होंने कहा, “पूरी भारतीय टीम को धन्यवाद देना चाहता हूं. सभी बेटियों ने अपना 100 प्रतिशत दिया. 44 साल बाद देश को महिला हॉकी में गोल्ड मिला है. माता-पिता के लिए इससे बड़ी खुशी क्या होगी.”

गुरुग्राम: CEC के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन

शाहाबाद में जश्न का माहौल

भारतीय महिला हॉकी टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद नवनीत कौर के घर और शाहाबाद के आसपास के इलाके में जश्न का माहौल है. परिवार को लगातार बधाइयां मिल रही हैं. बेटी की इस बड़ी उपलब्धि से नवनीत के माता-पिता बेहद खुश हैं. भारतीय महिला हॉकी की इस जीत ने पूरे देश के साथ-साथ शाहाबाद को भी गर्व का मौका दिया है.

Input By : अशोक यादव



Source link