आम आदमी पार्टी ने मौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना को ‘पार्टी-विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता में शामिल होने’ के कारण पार्टी से निलंबित कर दिया है. निलंबन से कुछ घंटे पहले ही विधायक मैसरखाना ने सोशल मीडिया, फेसबुक पर लाइव आकर अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली और शिक्षा व्यवस्था की तीखी आलोचना की थी.
उन्होंने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी, बुर्ज साहिमा गांव के स्कूल को अपग्रेड न किए जाने और मुख्यमंत्री भगवंत मान व वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया तक अपनी बात न पहुंच पाने का दर्द बयां किया था. लाइव के दौरान उन्होंने यहां तक कहा था, ‘अगर आपको मेरा टिकट काटना है तो काट दीजिए’. वहीं पार्टी ने विधायक पर अनुशासनहीनता में शामिल होने’ के आरोप लगाते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है.
AAP suspends Sukhveer Singh Maiserkhana, MLA, Maur Assembly Constituency, from the party over his “involvement in anti-party activities and indiscipline” pic.twitter.com/ghdxHlpnLT
— ANI (@ANI) October 3, 2026
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का उठाया मुद्दा
सुखबीर सिंह मैसरखाना ने लाइव में आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं. उनके मुताबिक, शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए लगातार मांग उठाई गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया.
विधायक ने यह भी कहा कि जिस सरकारी स्कूल में उनके अपने बच्चे पढ़ते हैं, वहां भी पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनप्रतिनिधियों की ओर से लगातार इस मुद्दे को उठाया जा रहा है, तो फिर जमीनी स्तर पर हालात में बदलाव क्यों नहीं दिखाई दे रहा.
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अपग्रेडेशन को लेकर भी उठाए सवाल
विधायक ने बुर्ज साहिमा गांव के सरकारी स्कूल का मुद्दा भी उठाया. उनका दावा है कि स्कूल ने अपग्रेडेशन के लिए निर्धारित जरूरी शर्तें पूरी कर ली हैं, इसके बावजूद उसे अपग्रेड नहीं किया गया. उन्होंने ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इन स्कूलों में भी कई जगहों पर पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था नहीं है. विधायक के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में कई बार संबंधित स्तर पर मांग रखी, लेकिन उनकी बात पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया.
पार्टी में नजरअंदाज करने का लगाया आरोप
शिक्षा व्यवस्था के अलावा विधायक ने पार्टी के भीतर अपने साथ कथित व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जताई. उन्होंने दावा किया कि पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में भूमिका निभाने के बावजूद उन्हें लगातार दरकिनार किया गया और कई मौकों पर अपमानित महसूस कराया गया.
विधायक ने तरनतारन चुनाव के दौरान अपने खिलाफ कथित साजिश का भी गंभीर आरोप लगाया. उनके मुताबिक, उस दौरान उनसे ऐसी बात कही गई थी कि अगर उन्हें कुछ हो जाता है या उनकी मौत हो जाती है, तो उनके परिवार के किसी सदस्य को टिकट दिया जाएगा.
‘आवाज उठाता रहूंगा, जेल जाने से भी नहीं डरता’
मैसरखाना ने आशंका जताई कि सरकार और पार्टी के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई या मामला दर्ज कराया जा सकता है. इसके बावजूद उन्होंने कहा कि वह अपने सिद्धांतों और क्षेत्र की जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे. वहीं आप आदमी पार्टी ने विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना पर पार्टी-विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता में शामिल होने के चलते उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया है.
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