पंजाब में आतंकवाद, गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत अमृतसर देहाती पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. बॉर्डर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि एसएसपी स. कंवलप्रीत सिंह चहल और उनकी विशेष टीम ने सीमा पार से संचालित हो रहे एक बड़े आतंकी मॉड्यूल को ध्वस्त किया है.
पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान एक खतरनाक एके-47 राइफल, मैगजीन, नौ जिंदा कारतूस, दो हैंड ग्रेनेड, एक मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की है. इस मामले में नवजोत सिंह चीमा उर्फ नवजोत (28 वर्ष), निवासी सराय अमानत खां को गिरफ्तार किया गया है.
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पाकिस्तान द्वारा ड्रोन से 9 भेजे गए थे हथियार
आईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि बरामद किए गए सभी हथियार और गोला-बारूद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित हैंडलर्स और तस्करों द्वारा ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में गिराए गए थे. प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क के तार सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) में बैठे हैंडलरों से भी जुड़े हुए हैं. सीमा पार बैठे ये राष्ट्रविरोधी तत्व पंजाब के नौजवानों को पैसों का लालच देकर और गुमराह करके अपने देशविरोधी मंसूबों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं.
आरोपी ट्रक ड्राईवर है
पकड़ा गया आरोपी नवजोत पेशे से ट्रक ड्राइवर है और खुद नशे का आदी रहा है. वह पहले भी सीमा पार से होने वाली हेरोइन और ड्रग्स की तस्करी में लिप्त था. विदेशी हैंडलरों ने उसे इस बार नशीले पदार्थों की जगह इन घातक हथियारों की खेप उठाने और उसे आगे पहुंचाने का काम सौंपा था. इसके एवज में उसे 50,000 रुपये देने का वादा किया गया था, हालांकि उसे अभी तक कोई पैसा नहीं मिला था.
हैंडलरों का निर्देश था कि वह इन हथियारों को पास के किसी पड़ोसी जिले में ले जाकर बताए गए ठिकाने पर एक अज्ञात ‘कट-आउट’ (सहयोगी) के हवाले करे. हैंडलर अपनी पहचान छुपाने के लिए वर्चुअल नंबरों और कट-आउट सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं ताकि किसी को दूसरे की पहचान पता न चल सके. समय रहते पुलिस द्वारा की गई इस गिरफ्तारी से एक बड़ा आतंकवादी या आपराधिक हमला टल गया.
तीसरी एके-47 बरामद हुई है अब तक
आईजी भुल्लर ने कहा कि अमृतसर देहाती पुलिस की यह तीसरी एके-47 राइफल की बरामदगी है. हैंड ग्रेनेड का मिलना विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि यह बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान करने की क्षमता रखता है. इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम, जिसमें एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चहल, एसपी (डी) रमनविंदर सिंह, डीएसपी यादविंदर सिंह (अटारी) और सीआईए इंस्पेक्टर मनमीत सिंह शामिल हैं, की सराहना करते हुए आईजी ने कहा कि पुलिस टीम को डीजीपी पंजाब और माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष उपयुक्त पुरस्कार और सम्मान के लिए सिफारिश की जाएगी.
पुलिस ने शुरू की नेटवर्क की तलाश
इस संबंध में थाना घरिंडा में सीआईए विंग की शिकायत पर मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संपर्कों, हथियारों के संभावित निशानों और तकनीकी पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही है. आईजी ने दोहराया कि बीएसएफ के साथ मिलकर द्वितीय रक्षा पंक्ति, एंटी-ड्रोन टीमों और लगातार चलाए जा रहे कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) के जरिए सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है. कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा.
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Input By : गगनदीप सिंह