[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • कप्तानी बदलने पर आय स्रोतों पर प्रभाव नहीं।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विस्फोटक बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर की कप्तानी को लेकर हाल में आई खबरों ने खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. तीनों प्रारूपों में राष्ट्रीय टीम के नेतृत्व से जुड़ी इन चर्चाओं के बाद फैंस इंटरनेट पर उनकी पर्सनल लाइफ और फाइनेंशियल प्रोफाइल के बारे में सर्च कर रहे हैं. इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कप्तानी छोड़ने या बदलने से क्या हरमनप्रीत की सालाना कमाई पर कोई बड़ा वित्तीय नुकसान होगा. BCCI के नियमों, उनके आईपीएल फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट और ब्रांड विज्ञापनों से होने वाली आय का बारीकी से अध्ययन करें, तो उनकी आर्थिक स्थिति का पूरा नक्शा साफ हो जाता है.

बीसीसीआई का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट और मैच फीस

भारतीय महिला क्रिकेट में हरमनप्रीत कौर सबसे सीनियर और भरोसेमंद खिलाड़ियों में शुमार हैं. यही वजह है कि वे बीसीसीआई की केंद्रीय अनुबंध सूची में शीर्ष ग्रेड यानी ‘ए’ कैटेगरी में शामिल हैं. इस ए-लिस्ट रिटेनरशिप के तहत उन्हें हर साल बोर्ड से 50 लाख रुपये की पक्की फीस मिलती है. इसके अलावा उन्हें हर मुकाबले के लिए अलग से मैच फीस दी जाती है. बीसीसीआई के नियमानुसार, उन्हें एक टेस्ट मैच खेलने के लिए 4 लाख रुपये ODI मुकाबला खेलने के लिए 2 लाख रुपये और अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच खेलने के लिए 2.5 लाख रुपये मिलते हैं.

महिला प्रीमियर लीग से होने वाली कमाई

अंतरराष्ट्रीय मैचों के अलावा महिला प्रीमियर लीग हरमनप्रीत कौर की कमाई का एक बेहद मजबूत जरिया है. वे इस लीग में मुंबई इंडियंस फ्रेंचाइजी की एक मुख्य खिलाड़ी और कप्तान के तौर पर जुड़ी हुई हैं. मुंबई इंडियंस के साथ हुए उनके इस व्यावसायिक अनुबंध के तहत उन्हें हर सीजन में 1.80 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि दी जाती है. यह लीग भारतीय महिला क्रिकेटरों की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने में सबसे अहम भूमिका निभा रही है.

यह भी पढ़ें: क्या सिर्फ फल ही खाते हैं फलाहारी महाराज, क्यों पड़ा यह नाम?

विदेशी टी20 लीग्स से अतिरिक्त आय

हरमनप्रीत कौर केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया की चर्चित विदेशी लीगों में भी अपनी खास पहचान बना चुकी हैं. वे ऑस्ट्रेलिया की प्रसिद्ध महिला बिग बैश लीग में मेलबर्न रेनेगेड्स और सिडनी थंडर जैसी शीर्ष टीमों का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं. ऑस्ट्रेलियाई लीग के एक सीजन में खेलने के बदले उन्हें औसतन 30,000 डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 25 लाख रुपये) प्राप्त होते हैं. विदेशी मैदानों पर उनकी यह मांग उनकी वित्तीय साख को और बढ़ाती है.

कप्तानी छोड़ने से कितनी घटेगी हरमनप्रीत की कमाई? जानें एक-एक डिटेल

ब्रांड एंडोर्समेंट और विज्ञापन का जरिया

मैदान पर अपने पावर-हिटिंग अंदाज और जुझारू तेवरों के दम पर हरमनप्रीत कॉर्पोरेट जगत की पसंदीदा एथलीट बनी हुई हैं. वे बूस्ट, एचडीएफसी लाइफ, सिएट टायर्स, आईटीसी, नाइकी और रॉयल चैलेंजर्स जैसे कई बड़े राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के विज्ञापनों में नजर आती हैं. इन विज्ञापनों और स्पॉन्सरशिप डील्स के जरिए वे सालाना लगभग 40 से 50 लाख रुपये की आय अर्जित करती हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो किसी कमर्शियल शूट के लिए उनकी एक दिन की फीस करीब 10 से 12 लाख रुपये के बीच है.

कप्तानी छोड़ने का बीसीसीआई अनुबंध पर असर

फैंस के मन में यह सवाल जरूर आ सकता है कि क्या कप्तानी पद छोड़ने से उनकी रिटेनरशिप या मैच फीस कम हो जाएगी. नियम के मुताबिक ऐसा बिल्कुल नहीं है. बीसीसीआई में कप्तानी छोड़ने से सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के ग्रेड या उसकी 50 लाख रुपये की रिटेनर फीस में किसी तरह की कटौती नहीं की जाती है. जब तक खिलाड़ी टीम के ए-ग्रेड में बरकरार है, उसकी सालाना रिटेनर फीस सुरक्षित रहती है.

समान वेतन नीति और मैच फीस 

भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने महिला खिलाड़ियों के लिए पुरुष टीम के समान वेतन नीति लागू की है. इसके तहत मैच फीस का भुगतान प्लेइंग इलेवन में शामिल होने पर निर्भर करता है, न कि इस बात पर कि कौन खिलाड़ी कप्तान है. सामान्य खिलाड़ियों को भी टेस्ट के लिए 4 से 15 लाख रुपये, वनडे के लिए 2 से 6 लाख रुपये और टी-20 के लिए 2.5 से 3 लाख रुपये का भुगतान किया जाता है. इसलिए कप्तानी छोड़ने का उनकी प्रति मैच मिलने वाली फीस पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा.

WPL अनुबंध और फ्रेंचाइजी आय की स्थिति

महिला प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियंस के साथ हरमनप्रीत का अनुबंध एक खिलाड़ी के रूप में उनकी खेल क्षमता पर आधारित है. यदि भविष्य में टीम प्रबंधन कप्तानी में बदलाव का निर्णय लेता भी है, तब भी उनके 1.80 करोड़ रुपये के सीजनल पैकेज पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा. फ्रेंचाइजी लीग में सैलरी प्लेयर की पर्स वैल्यू से तय होती है, कप्तानी से नहीं.

ब्रांड वैल्यू और भविष्य का व्यावसायिक पहलू

ब्रांड एंडोर्समेंट के लिहाज से भी हरमनप्रीत कौर की लोकप्रियता काफी मजबूत है. भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाने वाली एक महान ऑलराउंडर के तौर पर उनकी साख कायम है. इसलिए कप्तानी हटने के बाद भी उनके कमर्शियल विज्ञापन, विदेशी लीग में अनुबंध और विज्ञापनों से होने वाली 40-50 लाख रुपये की सालाना कमाई पूरी तरह स्थिर रहने की पूरी उम्मीद है.

यह भी पढ़ें: प्रेमानंद महाराज से पहले विवादों में रह चुके ये बाबा, किसका क्या हुआ हाल?



Source link