भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर दमदार जीत दर्ज की है. बीजेपी के सखाराव ने 72710 वोटों के अंतर से जीत हासिल की. आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने सीट को छोड़ दिया था. इसी वजह से यहां दोबारा चुनाव हुए. भाजपा की जीत से हुमायूं कबीर को करारा झटका लगा है. वहीं ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को भी निराशा हाथ लगी है.
बंगाल की रेजीनगर के साथ-साथ नंदीग्राम सीट पर भी उपचुनाव हुआ. अगर चुनाव आयोग की मानें तो दोनों विधानसभा सीटों के करीब 5.24 लाख वोटर्स में से लगभग 80 प्रतिशत ने मतदान किया, जिसमें नंदीग्राम में 80.89 प्रतिशत और रेजीनगर में 80.08 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. हालांकि, मतदान के दौरान मतदाताओं को डराने-धमकाने, बूथ स्तर पर छिटपुट झड़पों के आरोप लगे.
रेजीनगर में पुलिस के साथ झड़प के बाद आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर को गिरफ्तार कर लिया गया था. हुमायूं कबीर की गिरफ्तारी के बाद बवाल भी मचा था. कबीर की पार्टी के साथ-साथ कांग्रेस ने भी बवाल किया था. वहीं कांग्रेस ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों में फिर से चुनाव की मांग की थी.
रेजीनगर सीट से भाजपा ने सखाराव सरकार को टिकट दिया था. वहीं कांग्रेस ने अब्दुल्लाहिल काफी को मौका दिया था. हुमायूं कबीर की पार्टी ने गुलाम नबी आजाद पर दांव लगाया. जबकि तृणमूल कांग्रेस ने रबीउल आलम चौधरी को टिकट दिया था.
गौरतलब है कि रेजीनगर विधानसभा सीट पर पिछले चुनाव में हुमायूं कबीर ने जीत दर्ज की. उन्होंने 123536 वोट मिले थे. वहीं भाजपा के बपन घोष को 64660 वोट मिले थे. वे दूसरे स्थान पर रहे थे. टीएमसी के अताउर रहमान को 41718 वोट मिले थे. टीएमसी 2026 के चुनाव में तीसरे पायदान पर रही थी. जबकि कांग्रेस चौथे नंबर पर रही थी. कांग्रेस को 4101 वोट मिले थे. हालांकि अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता उपचुनाव में किसे जिताती है. उपचुनाव के वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू हो जाएगी.