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इंडिया गठबंधन के नेता आज दिल्ली के कनॉट पैलेस-बाराखम्बा रोड जंक्शन से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालेंगे. यात्रा खत्म होने के बाद उनका चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत से मुलाकात का कार्यक्रम था, हालांकि सीजेआई ने इसे ठुकरा दिया.

इसके बावजूद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और गठबंधन के अन्य नेताओं के शेड्यूल में बदलाव नहीं आया है. वो मार्च निकालेंगे. उन्होंने चलो दिल्ली के नारों के साथ एक्स पर लिखा, ”डेमोक्रेसी के लिए मार्च. न्याय के लिए मार्च.” मार्च डेढ़ बजे शुरू होगा.

सुप्रीम कोर्ट जाने पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि हमें हर जगह जाना चाहिए, सभी संस्थाओं के दरवाजे को खटखटना चाहिए. सरकार सुन नहीं रही, चुनाव आयोग सुन नहीं रहा.

सीजेआई ने क्या कहा?

राहुल गांधी की चिट्ठी पर सीजेआई ने सोमवार (12 अक्टूबर) को कहा कि उनका लेटर मिला था. मैंने उसका कल रात में ही जवाब दे दिया है। मैंने कुछ कारण उसमें दिए हैं, जिसके बेसिस पर मैंने अपनी असमर्थता व्यक्त की है कि मैं मिल नहीं पाऊंगा.

साथ ही उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के द्वार सबके लिए खुले हैं. कोई भी याचिका दाखिल करे, हम उसको वो अधिकार देंगे, जो उनका बनता है.

खुलासे के बाद आक्रामक विपक्ष

बता दें कि 23 सितंबर को इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में एसआईआर और चुनाव आयोग के खुलासे के बाद से इंडिया गठबंधन के नेता सड़कों पर हैं. दिल्ली में लगातार बड़े नेता प्रोटेस्ट कर रहे हैं. उनकी मांग है की मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और एसआईआर को रद्द किया जाए. साथ ही चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में पारदर्शिता लाई जाए.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कई बार तीन में से दो चुनाव आयुक्तों ने आपत्तियां जताई. इन आपत्तियों पर गौर नहीं किया गया.

विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनावों में बीजेपी को मदद पहुंचाने के लिए एसआईआर में कई प्रावधान जोड़े गए. वहीं आयोग ने इससे कई मौकों पर इनकार किया है.



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