शिरोमणि अकाली दल (SAD) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने पंजाब के मानसा जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को विशेषाधिकार हनन की शिकायत सौंपी है. इसके साथ ही ‘सांसदों के कार्यों के प्रभावी निर्वहन की रक्षा’ के लिए उनके हस्तक्षेप की मांग की है.
शिरोमणि अकाली दल की सांसद ने यह कदम कथित रूप से नशे की अत्यधिक मात्रा के कारण एक युवक की हुई मौत पर जताई गई अपनी चिंताओं को पंजाब पुलिस के अधिकारी द्वारा ‘खारिज’ किए जाने के बाद उठाया है.
मामले की जांच विशेषाधिकार समिति करेगी
सूत्रों ने बताया कि बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने अपनी शिकायत में मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) वैभव चौधरी के खिलाफ लोकसभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के नियम 222/223 के तहत नोटिस दिया है. सूत्रों के मुताबिक, इस नोटिस को कार्रवाई के लिए विशेषाधिकार समिति को भेज दिया गया है और समिति अब इस मामले की जांच करेगी. बठिंडा की सांसद ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि जब युवक की मौत से जुड़ा मामला एसएसपी के संज्ञान में लाया गया, तो उन्होंने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया और पुलिस ने मृतक के परिवार से उसका शव जबरन छीन लिया.
लगाए SSP पर गंभीर आरोप
उन्होंने दावा किया कि पुलिस को मृतक के पिता के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं होने की बात कही जा रही है, जबकि परिवार का दावा था कि पिता की पुलिस के साथ तस्वीरें मौजूद हैं. हरसिमरत ने अपनी शिकायत में कहा, ‘मैं नियम 223 के तहत नोटिस देती हूं और 29 अक्टूबर 2026 को मेरी बातचीत के दौरान मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री वैभव चौधरी के आचरण से संबंधित विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का प्रश्न उठाने के लिए लोकसभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के तहत आपकी सहमति चाहती हूं.”