पंजाब चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है. उन्होंने कहा कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनने पर ऐसी यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी, जहां रामायण और श्रीमद्भागवत गीता के अध्ययन केंद्र होंगे.
उन्होंने कहा कि पंजाब के ज्यादातर पंडितों की संस्कृत पर मजबूत पकड़ नहीं है, इसलिए कई मंदिरों में दूसरे राज्यों से पुजारी बुलाने पड़ते हैं. इसके चलते संस्कृत यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी, जिससे बाहरी राज्यों से पंडितों को बुलाने की जरूरत में कमी आएगी.
कांग्रेस सरकार ने यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव किया था पारित
चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार (3 नवंबर) को रामपुराफूल में पूर्व कैबिनेट मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ के स्थानीय दफ्तर के उद्घाटन के अवसर पर आयोजित रामायण पाठ के भोग में शामिल हुए. उन्होंने बताया कि उनकी अगुआई वाली पिछली कांग्रेस सरकार ने यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया. चरणजीत सिंह चन्नी ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार बनने पर यूनिवर्सिटी का काम शुरू किया जाएगा.
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आप सरकार में राज्य नशा और गैंगस्टरों से बेहाल
पूर्व सीएम चन्नी ने कहा कि वर्तमान में आप सरकार में राज्य नशा, सट्टा, गैंगस्टरों और गुंडागर्दी से बेहाल है. पंजाब में नशे की होम डिलीवरी की जाती है, जिसके चलते कई युवा अपनी जान गंवा देते हैं. वहीं उन्होंने राज्य के किसानों को लेकर भी आप सरकार को घेरा. चन्नी ने कहा कि पंजाब में किसान बेहाल हैं, युवकों के पास रोजगार नहीं है. राज्य की अर्थव्यवस्था भी पूरी तरह अव्यवस्थित हो रही है. उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का हारना तय है और कांग्रेस के आने के बाद राज्य दोबारा पटरी पर आ जाएगा.