[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


जम्मू -कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रशासन और पुलिस पर श्रीनगर में BJP और नेशनल कॉन्फ्रेंस के विरोध प्रदर्शनों के साथ अलग-अलग व्यवहार करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि दोनों प्रदर्शनों की आपस में कोई तुलना नहीं की जा सकती. यह बयान PDP अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती के उस आरोप के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रशासन NC-BJP के विरोध प्रदर्शनों में मदद करता है, जबकि PDP के विरोध प्रदर्शनों को बार-बार रोका जाता है.

श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए उमर ने आरोप लगाया कि जहां प्रशासन ने BJP के विरोध प्रदर्शन में मदद की, वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ताओं को BJP दफ़्तर की ओर मार्च करने से रोका गया और कथित तौर पर पार्टी के कई कार्यकर्ता घायल हो गए.

यह भी पढ़ें: कश्मीरी पंडितों को धमकी पर फारूक अब्दुल्ला बोले- ‘JK को स्टेटहुड से…’

उमर अबुद्ल्ला ने कहा, “कृपया, गलत तुलना न करें. क्योंकि प्रशासन और पुलिस ने दोनों पार्टियों के साथ जो व्यवहार किया, उसमें कोई समानता नहीं थी. एक को मदद मिली और दूसरे को बेरहमी से दबाया गया.” उन्होंने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान उनकी पार्टी के कुछ साथियों को घसीटा गया और वे घायल हो गए, जिसके बाद कुछ लोगों को इलाज की ज़रूरत पड़ी.

बीजेपी की मदद का दावा 

BJP के प्रदर्शन की मीडिया कवरेज का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “BJP को सुरक्षा के साथ ले जाया गया. आप वहाँ मौजूद थे. मैंने आप में से कई लोगों को उस विरोध प्रदर्शन के साथ जाते देखा था.” उमर ने विपक्ष के नेता सुनील शर्मा की इस्तीफ़े की मांग का भी जवाब दिया और कहा कि वह BJP नेता को खुश करने के लिए पद नहीं छोड़ेंगे.

इस्तीफा नहीं देंगे उमर अब्दुल्ला 

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “मैं इस्तीफ़ा क्यों दूं ?” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता ने उनकी सरकार को पांच साल का जनादेश दिया है.उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर की जनता ने हमें पांच साल दिए हैं. हम पांच साल बाद जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे.”

नियुक्तियों पर दिया जवाब 

चोर दरवाज़े से नियुक्तियों (बैकडोर अपॉइंटमेंट) के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि किस जांच एजेंसी ने ऐसे आरोपों की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि एंटी-करप्शन ब्यूरो, क्राइम ब्रांच और CID उनके नियंत्रण में नहीं हैं. उन्होंने युवा प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ FIR रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का भी स्वागत किया और कहा कि उनके ख़िलाफ़ ऐसे मामले दर्ज ही नहीं होने चाहिए थे.

जम्मू-कश्मीर में प्राकृतिक आपदा को लेकर जताई चिंता 

नेपाल में हाल की घटनाओं और ग्लेशियल झील के फटने से आने वाली बाढ़ (GLOF) के कारण जम्मू-कश्मीर पर मंडरा रहे ख़तरे की चिंताओं पर उमर ने कहा कि सरकार ने इस संभावित ख़तरे पर पहले ही शोध शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा, “हमने नेपाल का इंतज़ार नहीं किया. हमें पहले से ही पता था कि GLOF निश्चित रूप से जम्मू-कश्मीर के लिए ख़तरा पैदा कर सकता है.” 

मुख्यमंत्री ने कहा कि GLOF पर रिसर्च के लिए उनके पहले बजट में फंड आवंटित किया गया था, और रिसर्च संस्थान, यूनिवर्सिटी और एक्सपर्ट्स इसके खतरे का आकलन करने और बचाव के उपाय सुझाने के लिए काम कर रहे हैं. उमर ने कहा, “एक्सपर्ट्स से हमें जो भी सलाह मिलेगी, हम निश्चित रूप से उस पर विचार करेंगे.”

यह भी पढ़ें: कश्मीर के अनंतनाग में पहाड़ से कार पर गिरा भारी पत्थर, पर्यटक की मौत



Source link