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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम का सोमवार (17 अगस्त) को ऐलान कर दिया गया है. इसमें वसुंधरा राजे सिंधिया और स्मृति ईरानी को भी जगह मिली है. वहीं पदाधिकारियों की लिस्ट में हरियाणा के अरुण यादव को भी बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी दी गई है. अरुण यादव को बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में सोशल मीडिया सह-संयोजक के पद पर नियुक्ति दी गई है. 

बता दें कि अरुण यादव हरियाणा में बीजेपी आईटी सेल के इंचार्ज रह चुके हैं लेकिन 2022 में उनकी एक पोस्ट पर विवाद होने के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। बताया गया था कि पैगंबर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने के आरोप में उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई थी. इस विवादित ट्वीट को लेकर उनकी गिरफ्तारी की मांग के बीच पार्टी ने यह फैसला लिया था.

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पार्टी ने इंचार्ज के पद से हटाया

पार्टी ने प्रेस नोट जारी कर आईटी सेल के इंचार्ज के पद से हटा दिया था. पार्टी ने नोटिस में लिखा था कि भारतीय जनता पार्टी हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ द्वारा प्रदेश आईटी प्रमुख अरुण यादव को तुरंत प्रभाव से पद मुक्त करती है. बता दें कि अरुण यादव ने साल 2017 में एक शराब की तुलना पैगंबर मोहम्मद से कर दी थी. इसमें उन्होंने लिखा था कि ‘मुझे तो पेग में पैगंबर नजर आता है.’

अरुण यादव इसके अलावा भी अपनी कई विवादित टिप्पणियों की वजह से सुर्खियों में रहे हैं. एक बार शाहरुख खान स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन में शामिल होने पहंचे थे. इस दौरान शाहरुख ने हाथ फैलाकर दुआ और फातिहा पढ़ी थी. इसका वीडियो शेयर कर अरुण यादव ने लिखा था कि क्या इसने थूका है? इस ट्वीट के बाद भी अरुण यादव को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था.

अरुण यादव पर देश में सांप्रदायिक नफरत फैलाने के आरोप भी लगे थे. विवाद गरमाने के बाद भी उन्होंने अपना यह ट्वीट डिलीट नहीं किया था. वहीं उन्होंने महिलाओं को लेकर एक और विवादित टिप्पणी की. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “जितना मस्जिद की खुदाई पर डर रहे है… उतना तो बेगम दूसरों द्वारा हलाला करने पर नहीं डरती.”

जानें कौन हैं अरुण यादव?

अरुण यादव ने साल 2012 में आरएसएस से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी. उन्होंने गुरुग्राम में नगर कार्यवाह और आईटी मिलन प्रमुख के तौर पर भी जिम्मेदारी निभाई है. बीजेपी के डिजिटल प्लेट्फॉर्म को मजबूत करने भी उन्होंने काफी महत्वपूर्ण सहयोग किया. अरुण यादव ने एमबीए और एलएलबी की डिग्री हासिल कर रखी है. उन्हें राजनीतिक और कॉर्पोरेट क्षेत्रों में काफी एक्सपीरियंस है. 

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