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बीपीएससी टीआरई-4 के अभ्यर्थियों के लिए सम्राट सरकार की ओर से बड़ी राहत दी गई है. चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा में अब एक ही चरण में एग्जाम लिया जाएगा. गुरुवार (27 अगस्त, 2026) को सम्राट चौधरी ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट कर इसकी जानकारी दी.

बता दें कि पहले पीटी और मेंस की परीक्षा होनी थी. इसको लेकर छात्र विरोध कर रहे थे. एक्स पोस्ट के जरिए सीएम सम्राट ने कहा, “छात्रों की मांगों को लेकर सरकार शुरू से ही गंभीर रही है. अब छात्रों की मांगों के संबंध में निर्णय लिया गया है कि इस बार की TRE-4 परीक्षा एकल चरण में आयोजित की जाएगी. इसके साथ ही 9 अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं.”

मुख्यमंत्री की ओर से कहा गया कि राज्य सरकार ने विभिन्न परीक्षाओं में सुधार के लिए अनुशंसाएं देने के लिए “परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति” का गठन किया है. पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित यह समिति विभिन्न परीक्षाओं से संबंधित छात्रों की शिकायतों की भी सुनवाई करेगी.

सीएम ने कहा कि सरकार ने छात्रों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए “विद्यार्थी सहयोग पोर्टल” एवं “विद्यार्थी सहयोग शिविर” की शुरुआत की है. इसके माध्यम से छात्रों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर किया जा रहा है. सरकार छात्रों के कल्याण और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव प्रतिबद्ध है.

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इन 10 बिंदुओं पर बनी सहमति

1. टीआरई-4 भर्ती प्रक्रिया में एकल परीक्षा का आयोजन और एक अभ्यर्थी एक परिणाम के संदर्भ में नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया.

2. 70वीं BPSC की पारदर्शिता के साथ जांच समिति से जांच होने, बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित तमाम भर्ती परीक्षा समय पर होने, 1799 दारोगा बहाली परीक्षा की जांच, सहायक प्राध्यापक से पहले बिहार पात्रता परीक्षा BET के संदर्भ में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि परीक्षा सुधार के संबंध में पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित होने वाली कमेटी के समक्ष शिकायतकर्ता साक्ष्य सहित अपना पक्ष अथवा सुझाव रखेंगे. कमेटी के निर्णयानुसार कार्रवाई की जाएगी. 

3. लाइब्रेरियन की बहाली शीघ्र प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है.

4. संविदा कर्मियों को दिया जाने वाला अंक एवं वेटेज देने की स्थिति में अलग कोटे के निर्धारण के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई जाएगी.

5. बिहार के सभी भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम डोमिसाइल नीति लागू होगी.

6. भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम उम्र सीमा के मुद्दों का प्रस्ताव कमेटी में रखा जाएगा. 

7. भर्ती प्रक्रियाओं का कैलेंडर जारी करते हुए सख्ती से उसका अनुपालन होगा.

8. बीपीएससी की तर्ज पर आयोजित तमाम भर्ती प्रक्रियाओं का प्रश्न पत्र, ओएमआर शीट एवं उत्तर पुस्तिका की पारदर्शिता अनिवार्य करने के लिए कमेटी के सामने प्रस्ताव रखा जाएगा.

9. बीपीएससी के माध्यम से आयोजित एईडीओ, सेनेटरी आदि परीक्षा के पेपर लीक की निष्पक्ष जांच ईओयू करेगी.

10. सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी.

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