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गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर कल  पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. दरअसल, पंजाब के मंत्री हरपाल चीमा के खिलाफ वीडियो पर मरने से पहले बयान देने और फिर आत्महत्या करने वाले दलित व्यक्ति गुलजार सिंह के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है.

दावा है कि उन्होंने भगवंत मान सरकार के मंत्री से राज्य में ड्रग्स की समस्या पर सवाल पूछा था, जिसके बाद उन्हें प्रताड़ित किया गया. उन्हें इतनी बुरी तरह प्रताड़ित किया गया कि वे आत्महत्या करने को मजबूर हो गए. पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बुधवार, 16 सितंबर 2026 को इस मामले पर सुनवाई करेंगे.

अकाली दल ने की थी सीबीआई जांच की मांग

दरअसल हाल ही में शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने पीड़ित परिवार का साथ देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा समेत सभी आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.

बिक्रम सिंह मजीठिया ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मैं गुलजार सिंह के शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा हूं और वित्त मंत्री हरपाल चीमा सहित सभी कथित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर की मांग करता हूं. मेरा पंजाब पहले कभी ऐसा नहीं था. पुलिस द्वारा अंतिम संस्कार पर नियंत्रण मानव गरिमा पर अमानवीय हमला है, जो चीमा के निर्देशों पर किया गया.”

‘पंजाब में नशे की डिलीवरी तेज’

एक वीडियो संदेश में बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि पिछले कई दिनों से पंजाब में जो कुछ भी हो रहा है, वह काफी चिंताजनक है. यह आम आदमी पार्टी सरकार की नाकामी है. ये सरकार बदलाव की बात करती है लेकिन बदलाव सिर्फ इतना आया कि पिज्जा की डिलीवरी स्लो हो गई, लेकिन नशे की डिलीवरी तेज हो रही है. और जो कोई भी इसके खिलाफ आवाज उठा रहा है, उसकी आवाज दबा दी जाती है.

‘गरीबों का शोषण करना रह गया सरकार का काम’

उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार का काम सिर्फ गरीबों का शोषण करना रह गया है. देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि अगर कोई नशे के खिलाफ आवाज उठा रहा है और उसे बंद करने की मांग कर रहा है, तो उसे अपनी जान देनी पड़ रही है. उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की.



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