[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


नई दिल्ली में कनॉट प्लेस के इनर सर्कल को Vehicle-Free करने के प्रस्ताव को लेकर दिल्ली के व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई है. नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के चेयरमैन मनोज द्विवेदी ने हाल ही में सोशल मीडिया के जरिए कनॉट प्लेस को मॉल रोड की तर्ज पर गाड़ी-मुक्त करने पर लोगों से राय मांगी थी. इसके बाद चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) और नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने प्रस्ताव का विरोध किया है.

CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने NDMC चेयरमैन को पत्र भेजकर कहा कि कनॉट प्लेस जैसे बड़े व्यावसायिक केंद्र में कोई भी बदलाव व्यापारियों से चर्चा के बाद ही होना चाहिए. संगठन ने बिना बातचीत के किसी भी तरह के ट्रायल का भी विरोध किया है. व्यापारियों का कहना है कि फैसले में कारोबार और ग्राहकों की सुविधा दोनों को ध्यान में रखना जरूरी है.

यह भी पढ़ें- दिल्ली मेट्रो में खिड़की से वीडियो बनाना पड़ सकता है भारी, DMRC ने दी चेतावनी

पहले अतिक्रमण और अवैध पार्किंग हटे

CTI ने दूसरी बड़ी मांग के तौर पर कनॉट प्लेस में अतिक्रमण, अवैध रेहड़ी-पटरी और अवैध पार्किंग पर पहले कार्रवाई करने की बात कही है. संगठन के मुताबिक पैदल चलने वालों के लिए बने कॉरिडोर को अतिक्रमण मुक्त किया जाना चाहिए. व्यापारियों का तर्क है कि मौजूदा समस्याएं दूर किए बिना Vehicle-Free योजना लागू करना समाधान नहीं होगा.

ग्राहकों की पहुंच बंद हुई तो कारोबार पर असर

व्यापारियों का कहना है कि कनॉट प्लेस में पहले से पार्किंग की समस्या है. ऐसे में इनर सर्कल में वाहनों की आवाजाही रोकने से ग्राहकों को दूर पार्किंग करनी पड़ सकती है. इससे बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों को परेशानी हो सकती है. CTI ने दावा किया कि इसका कारोबार पर गंभीर असर पड़ सकता है और व्यापार में 50 फीसदी तक गिरावट की आशंका है.

जाम घटेगा या आउटर सर्कल पर बढ़ेगा दबाव?

बृजेश गोयल के मुताबिक इनर सर्कल का ट्रैफिक बंद करने से जाम खत्म होने के बजाय आउटर सर्कल और आसपास की रेडियल व फीडर सड़कों पर दबाव बढ़ सकता है. उन्होंने कहा कि कनॉट प्लेस में पहले से करीब 35 फीट का पैदल क्षेत्र है, जिसमें 15 फीट कवर्ड और 20 फीट नॉन-कवर्ड हिस्सा शामिल है. व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि बिना सहमति फैसला लागू हुआ तो वे सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे.

यह भी पढ़ेंं- दिल्ली की इस सड़क पर खत्म होगा लंबा जाम! 15 दिन में खुल सकता है रास्ता



Source link