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How To Check Tap Water Quality At Home: नल का पानी हर दिन इस्तेमाल होता है, इसलिए हम अक्सर मान लेते हैं कि वह पूरी तरह सुरक्षित है. लेकिन कई बार पानी में मौजूद अशुद्धियां, अतिरिक्त क्लोरीन, धातुओं के कण या दूसरे प्रदूषक आंखों से दिखाई नहीं देते. ऐसे में हर बार लैब टेस्ट कराना संभव नहीं होता. हालांकि कुछ आसान तरीकों से घर पर ही शुरुआती जांच की जा सकती है, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि पानी सामान्य है या उसकी गुणवत्ता पर ध्यान देने की जरूरत है. ये तरीके केवल शुरुआती जांच के लिए हैं, किसी लैब रिपोर्ट का विकल्प नहीं.

सबसे पहले पानी का रंग देखें

Renkeer के एक्सपर्ट के अनुसार, पीने योग्य पानी सामान्य रूप से साफ, पारदर्शी और बिना किसी रंग के होना चाहिए. अगर पानी हल्का पीला, भूरा या धुंधला दिखाई देता है, तो यह पाइपलाइन में जंग, मिट्टी या दूसरी अशुद्धियों का संकेत हो सकता है. एक आसान तरीका यह है कि नल पर साफ सूती कपड़ा या कॉटन लगाकर कुछ दिनों तक पानी निकलने दें. अगर कुछ दिन बाद उस पर गंदगी, पीले या भूरे रंग के दाग दिखाई दें, तो समझिए पानी में अशुद्धियां मौजूद हो सकती हैं.

पानी की गंध पर ध्यान दें

सुरक्षित पानी में किसी तरह की तेज गंध नहीं होनी चाहिए. अगर पानी से क्लोरीन, सड़ेपन, धातु या किसी रसायन जैसी गंध आती है, तो यह सामान्य नहीं माना जाता.  इसके लिए एक साफ कांच के गिलास में पानी भरें, हल्का घुमाएं और फिर उसकी गंध महसूस करें. यदि पानी उबालने के बाद भी तेज क्लोरीन जैसी गंध बनी रहती है, तो पानी की गुणवत्ता की आगे जांच कराना बेहतर रहेगा. 

कांच के गिलास में अशुद्धियां जांचें

एक पारदर्शी गिलास में पानी भरने से पहले नल को करीब 30 से 60 सेकंड तक खुला छोड़ दें. इसके बाद बीच की धार का पानी गिलास में भरें और अच्छी रोशनी में देखें कि उसमें कोई तैरते हुए कण या गंदगी तो नहीं है, अब इसी गिलास को लगभग तीन घंटे तक बिना हिलाए रख दें, यदि नीचे तलछट जमा हो जाए या छोटे-छोटे कण दिखाई दें, तो यह संकेत हो सकता है कि पानी में अशुद्धियां मौजूद हैं .

पानी बहुत हार्ड तो नहीं?

कुछ इलाकों में पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा ज्यादा होती है, जिसे हार्ड वॉटर कहा जाता है. ऐसा पानी सीधे नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर पाइप, गीजर, केतली और दूसरे उपकरणों में सफेद परत जमा होने लगती है. इसकी शुरुआती जांच के लिए एक साफ गिलास में थोड़ा पानी भरकर 24 से 48 घंटे तक खुला छोड़ दें. पानी सूखने के बाद यदि गिलास पर सफेद या चाक जैसी परत रह जाए, तो यह हार्ड वॉटर का संकेत हो सकता है. इसी तरह पानी उबालने के बाद बर्तन के तले में मोटी सफेद परत दिखाई देना भी इसकी पहचान है.

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चाय से भी मिल सकता है संकेत

यह तरीका पूरी तरह वैज्ञानिक जांच नहीं है, लेकिन शुरुआती संकेत दे सकता है. नल के पानी से चाय बनाएं और उसे लगभग 24 घंटे तक रहने दें. अगर चाय का रंग सामान्य से ज्यादा गहरा, काला या धुंधला हो जाए, तो यह पानी में कुछ धातु तत्वों की मौजूदगी का संकेत हो सकता है. 

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किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है?

अगर आप नए घर में शिफ्ट हुए हैं, पुराने मकान में रहते हैं, बोरवेल या कुएं का पानी इस्तेमाल करते हैं या घर में छोटे बच्चे, गर्भवती महिला, बुजुर्ग या कमजोर इम्यून वाले लोग हैं, तो समय-समय पर पानी की क्वालिटी पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा यदि पानी का रंग, स्वाद या गंध अचानक बदल जाए, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

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कब कराएं लैब टेस्ट?

अगर शुरुआती जांच के दौरान पानी में रंग, गंध, तलछट, ज्यादा सफेद परत या किसी अन्य तरह की असामान्यता दिखाई दे, तो केवल घरेलू उपायों पर भरोसा न करें. ऐसी स्थिति में प्रमाणित लैब या प्रोफेशनल वॉटर टेस्टिंग के जरिए पानी की जांच कराना सबसे सुरक्षित कदम होता है. इससे यह पता चल सकता है कि पानी में बैक्टीरिया, भारी धातुएं या अन्य हानिकारक तत्व तो मौजूद नहीं हैं.

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