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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 30 सितंबर 2026 को  जालंधर में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन पर शिरकत की. अमित शाह ने BJP सरकार आने पर 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशा मुक्त करने का वादा किया. AAP सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए अमित शाह ने कहा, ‘जो खुद नशा करता है, वह पंजाब को नशा मुक्त नहीं कर सकता.’ उसी दिन पंजाब पुलिस की SIT ने अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम मजीठिया और बर्खास्त पुलिस अधिकारी जगदीश भोला को सिंथेटिक ड्रग्स मामले में पूछताछ के लिए समन भेजा. 25 सितंबर 2026 को पंजाब पुलिस ने एक ही दिन 135 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया था. आखिर यह मामला कितना बड़ा है और 30 सालों से हर सरकार इसे सुलझाने का वादा क्यों करती आ रही है…

पंजाब में देश की 44-58% हेरोइन

संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में लगभग 66 लाख लोग किसी न किसी रूप में ड्रग्स का इस्तेमाल करते हैं. राज्य की कुल आबादी करीब 3 करोड़ है. इसमें 30.68 लाख गांजा, 21.36 लाख अफीम वाले ड्रग्स और 9.93 लाख नशीली गोलियां लेने वाले शामिल हैं. 10 से 17 साल के करीब 6.97 लाख बच्चे ड्रग्स से प्रभावित हैं.

AIIMS की पंजाब ओपिओइड डिपेंडेंस सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, 2.32 लाख से ज्यादा लोग अफीम वाले ड्रग्स पर निर्भर हैं. इनमें ज्यादातर युवा पुरुष हैं और हेरोइन सबसे आम ड्रग है.

पंजाब इस समस्या में कितना अकेला है?

NCB की 2025 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे देश में 3,567 किलोग्राम हेरोइन पकड़ी गई. इसका 58% यानी 2,086 किलोग्राम अकेले पंजाब में जब्त हुआ. पंजाब की आबादी देश की 2.3% है, लेकिन देश की हेरोइन जब्ती में हिस्सा 44% से 58% के बीच रहता है. 2021 में यह आंकड़ा सिर्फ 9.8% था, यानी पांच साल में छह गुना बढ़ा है.

पंजाब में ड्रग्स के कारोबार की कीमत कितनी?

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह ने कहा, ‘पंजाब में घूम रहा ड्रग मनी का सर्कुलेशन 95,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का है.’ निरंजन सिंह ने यह भी बताया कि यह आंकड़ा कई स्टडीज पर आधारित है और समस्या सिर्फ ड्रग तस्करों तक सीमित नहीं है. इसमें ‘प्रोटेक्टर’ और ‘कोलैबोरेटर’ भी शामिल हैं. इनमें से कुछ समाज में सम्मानजनक पदों पर बैठे हैं.

2025 में पंजाब ने रिकॉर्ड 2,021 किलोग्राम हेरोइन जब्त की. यह एक साल में अब तक की सबसे बड़ी जब्ती थी. 1 मार्च 2025 से 10 सितंबर 2026 के बीच पुलिस ने 3,803 किलोग्राम हेरोइन, 976 किलोग्राम अफीम, 46 टन पोस्ता, 1,325 किलोग्राम गांजा और 78 लाख नशीली गोलियां जब्त कीं. इस दौरान 60,582 FIR दर्ज हुईं और 79,784 ड्रग तस्कर गिरफ्तार किए गए. इनमें 708 ‘बड़ी मछलियां’ थीं. पुलिस ने 366 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की और 102 हवाला ऑपरेटरों को पकड़ा.

तीन CM, तीन वादे और पांच डेडलाइन

  • कैप्टन अमरिंदर सिंह (कांग्रेस): 2015 में बठिंडा की रैली में उन्होंने गुटखा साहिब हाथ में लेकर कसम खाई, ‘चार हफ्तेयां च नशे दा लक्क तोड़ के छड्डूं’ यानी चार हफ्ते में नशे की कमर तोड़ दूंगा. 2017 में सरकार बनी, पांच साल बीत गए, लेकिन हालात वैसे ही रहे. बाद में उन्होंने सफाई दी कि ‘लक्क तोड़ने का मतलब पूरी तरह खत्म करना नहीं था.’
  • भगवंत मान (AAP): 2022 के चुनाव से पहले सरकार बनने के एक महीने में ड्रग्स खत्म करने का वादा किया था. मान 16 मार्च 2022 को CM बने, पहली डेडलाइन 16 अप्रैल 2022 बिना नतीजे के निकल गई. फिर 15 अगस्त 2023 को कहा कि एक साल में पंजाब ड्रग-फ्री और अप्रैल 2024 में कहा था दिसंबर तक खत्म. 28 फरवरी 2025 को पुलिस को तीन महीने का टारगेट दिया. 31 मई 2025 की पांचवीं डेडलाइन भी बिना नतीजे के निकली.
  • अमित शाह (BJP): 30 सितंबर 2026 को जालंधर में वादा किया, ‘BJP को सत्ता में लाओ, 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब से चिट्टे का कारोबार खत्म कर देंगे.’

आखिर पंजाब से ड्रग्स खत्म करने में दिक्कत क्या है?

ड्रग्स पर काबू न कर पाने की सबसे बड़ी वजह सिस्टम के अंदर बैठे तस्कर हैं. मार्च 2026 में NCB ने तरनतारन के एक सरपंच को 18 किलो हेरोइन के साथ पकड़ा, जो खुद सरकार की ‘विलेज डिफेंस कमेटी’ का मुखिया था.

अमृतसर में पुलिस ने एक परिवार के तीन लोगों को पकड़ा. इन्होंने सीमा से 500 मीटर दूर एक अमरूद का बागान लीज पर लिया था ताकि वहां ड्रोन से गिरने वाली ड्रग्स और हथियारों की खेप इकट्ठी कर सकें. इनके पास से 10 किलोग्राम हेरोइन और दो AK-47 राइफलें बरामद हुईं.

ड्रोन से ड्रग्स की तस्करी अब सबसे बड़ी चुनौती बन गई है. 2025 में देशभर में ड्रोन से जुड़े ड्रग तस्करी के 305 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 298 अकेले पंजाब बॉर्डर पर थे. इनमें 460 किलोग्राम ड्रग्स जब्त हुईं. इनमें 448 किलोग्राम हेरोइन थी. बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) और पंजाब पुलिस ने 2025 से जुलाई 2026 के बीच 474 ड्रोन बरामद किए और बॉर्डर पर 777 किलोग्राम हेरोइन जब्त की.

500 दिन में 70 हजार गिरफ्तारियों के बावजूद सवाल बाकी

मान सरकार के ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान को 500 दिन पूरे हो चुके हैं. इस दौरान NDPS मामलों में 89% सजा दर हासिल की गई . 10,917 नशेड़ियों को सजा के बजाय NDPS Act की धारा 64A के तहत इलाज का मौका दिया गया. सरकारी डी-एडिक्शन सेंटरों में भर्ती होने वालों की संख्या 2024 में 9.577 थी, जो 2025 में 25,290 हो गई यानी 164% बढ़ी.

2025 में ड्रग जब्ती 46,227 किलोग्राम से बढ़कर 1.16 लाख किलोग्राम हो गई. इसका मतलब यह भी है कि सप्लाई बढ़ी है, पकड़ भी बढ़ी है. निरंजन सिंह की बात याद रखिए कि ‘जब्ती बढ़ने का मतलब यह नहीं कि खपत घटी है. लोग मर रहे हैं और मौतों की दर में कोई खास कमी नहीं आई है.’

NCRB के मुताबिक, 2023 में पंजाब में 89 लोगों की ड्रग ओवरडोज से मौत दर्ज हुई. असली आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा माना जाता है क्योंकि कई मौतें दर्ज ही नहीं होतीं.



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