पंजाब की दो बड़ी प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में हिंसक बवाल के बाद लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LP)U ने 10 दिन के लिए क्लासेज सस्पेंड कर दी हैं. मिड-टर्म एग्जाम भी टाल दिए हैं. कैंपस में 2 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं, इंटरनेट सर्विसेज बंद हैं और छात्रों को घर जाने की इजाजत दे दी गई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने DGP को मौके पर भेजकर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं. पंजाब में महज 48 घंटे के अंदर जो कुछ हुआ, वो सोशल मीडिया की ताकत का सबसे बड़ा सबूत है…
चिटकारा यूनिवर्सिटी में क्या हुआ?
25 सितंबर की रात से चिटकारा यूनिवर्सिटी के कैंपस में अजीब चीजें होने लगीं. छात्रों के वॉट्सऐप और सोशल मीडिया ग्रुप्स पर वीडियो और पोस्ट वायरल होने लगे कि गर्ल्स हॉस्टल से चीखें सुनाई दे रही हैं, दो लड़कियां लापता हैं और हॉस्टल का एक कमरा भूतिया है.
ये अफवाहें 2019 में एक एलुमनस की कथित आत्महत्या से जुड़ी थीं जिसका ‘भूत’ अब भी उस कमरे में दिखने का दावा किया जा रहा था. सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें पैरानॉर्मल एक्टिविटी दिखाई गई.
पंजाब पुलिस के मुताबिक, असल में कुछ छात्रों ने स्पीकर पर हॉरर साउंड बजाया था, जिससे ये अफवाह शुरू हुई. फिर जब वार्डन ने कमरों की जांच की तो कुछ नहीं मिला, लेकिन अफवाह कैंपस में फैल चुकी थी. छात्रों ने ये भी दावा किया कि 24 सितंबर की सुबह एक एंबुलेंस कैंपस में आई थी.
यूनिवर्सिटी ने सफाई देते हुए कहा कि वो एंबुलेंस एक छात्रा को अस्पताल से वापस लाने आई थी, किसी की मौत नहीं हुई थी. कुछ पोस्ट्स में दावा किया गया कि एक ‘पंडित जी’ गर्ल्स हॉस्टल आए थे, जिस पर यूनिवर्सिटी ने कहा कि वो असल में एक छात्रा के पिता थे.
25 सितंबर 2026 की देर रात सैकड़ों छात्र कैंपस में जमा हो गए और प्रशासन से जवाब मांगने लगे. हंगामा इतना बढ़ा कि छात्रों ने पुलिस की दो गाड़ियां तोड़ दीं और कैंपस की प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया. पुलिस ने बताया कि जो छात्र लापता लड़कियों की बात कर रहे थे, उनमें से किसी के पास उनका नाम, फोटो या रोल नंबर तक नहीं था.

LPU में कैसे बेकाबू हुए हालात?
चिटकारा के ठीक 24 घंटे बाद 26 सितंबर 2026 की रात LPU के कैंपस में सोशल मीडिया पर खबर फैली कि G3 हॉस्टल के रूम नंबर 504 में एक छात्रा के साथ बाहरी व्यक्ति ने रेप किया और छात्रा ने सुसाइड कर लिया. छात्रों का दावा था कि वार्डन को घटना की जानकारी दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.
27 सितंबर 2026 दोपहर करीब 1 बजे हजारों छात्र गर्ल्स हॉस्टल के पास जमा हो गए. देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक हो गया. छात्रों ने कैंपस की इमारतों में तोड़फोड़ की, आग लगाई और दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे (NH-44) को जाम कर दिया.
कुछ छात्र कैंपस में रखे MiG-23 विमान और टैंक पर चढ़ गए. 277 सितंबर की शाम जब पुलिस ने हाईवे खाली कराने की कोशिश की तो छात्रों ने पथराव किया. जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. दो पुलिस गाड़ियों में आग लगा दी गई और चार-पांच गाड़ियां बर्बाद हो गईं.
LPU ने साफ तौर पर कहा कि रेप और सुसाइड की खबरें झूठी और निराधार हैं. यूनिवर्सिटी ने एक वीडियो भी जारी किया जिसमें उस रूम की तीन छात्राओं ने बताया कि उनके साथ कोई ऐसी घटना नहीं हुई है.

तो फिर दोनों घटनाओं में क्या एक जैसा है?
दोनों यूनिवर्सिटी की घटनाओं में सबसे बड़ी समानता यह है कि दोनों जगह अफवाहें सोशल मीडिया और वॉट्सऐप ग्रुप्स के जरिए फैलीं. दोनों जगह पुलिस और यूनिवर्सिटी को जवाब देने में देर हो गई. दोनों जगह छात्रों का गुस्सा सिर्फ अफवाहों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कैंपस प्रशासन और व्यवस्था के खिलाफ लंबे समय से जमा नाराजगी भी फूट पड़ी.
पंजाब पुलिस के स्पेशल DGP परवीन कुमार सिन्हा ने कहा कि दोनों घटनाएं फिलहाल अलग-अलग लगती हैं, लेकिन पुलिस इनका कनेक्शन तलाश रही है. पुलिस यह भी देख रही है कि कहीं किसी ग्रुप या तत्व ने छात्रों को भड़काकर माहौल खराब करने की कोशिश तो नहीं की.
परवीन कुमार ने कहा, ‘दिल्ली में हाल ही में हुए छात्र आंदोलनों ने बाकी जगहों के छात्रों को भी नुकसान पहुंचाया है. पंजाब में बेरोजगारी और शिक्षा को लेकर नाराजगी पहले से मौजूद है. अगले साल विधानसभा चुनाव भी हैं, ऐसे में राजनीतिक दलों की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता.
पुलिस और प्रशासन ने क्या किया?
LPU में रेप की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की है और SIT गठित की है. SIT में पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ छात्रों के पांच प्रतिनिधि भी शामिल किए गए हैं. पुलिस CCTV फुटेज और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है.
जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला ने कहा कि छात्राओं का बयान दर्ज कर लिया गया है और मामले की पूरी जांच होगी.
पंजाब के DGP गौरव यादव ने कहा कि पुलिस ने संयम बरता और छात्रों पर बल का इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने यह भी बताया कि मौके से एक बाहरी व्यक्ति को वॉकी-टॉकी और हथियार के साथ हिरासत में लिया गया है.
चिटकारा यूनिवर्सिटी में पुलिस ने अब तक छात्रों के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया है, लेकिन अफवाहें फैलाने वालों की पहचान के लिए जांच चल रही है. यूनिवर्सिटी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि बिना पुष्टि वाली सोशल मीडिया पोस्ट्स पर भरोसा न करें.