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अगर आप भी FASTag का इस्तेमाल करते हैं और उसका बैंक बदलना चाहते हैं, तो आपके लिए जरूरी अपडेट है. अब बैंक बदलने के लिए गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगा FASTag हटाकर नया टैग लगाने की जरूरत नहीं है. NHAI ने अपने Rajmargyatra App में OneTag सुविधा शुरू की है, जिसके जरिए आप मौजूदा FASTag को ही दूसरे बैंक में पोर्ट कर सकते हैं. 

इसका मतलब है कि आपकी गाड़ी पर लगा टैग वही रहेगा, सिर्फ उससे जुड़ा issuer bank और वॉलेट बदल जाएगा. हालांकि, इस FASTag को बार-बार बैंक में पोर्ट नहीं किया जा सकता है. इसके लिए एक तय कुलिंग पीरियड रखा गया है. 

Fastag पोर्ट करने की लिमिट क्या है?

FASTag को एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट करने के बाद 6 महीने का कुलिंग पीरियड लागू होता है. यानी एक बार बैंक बदलने के बाद अगले 6 महीने तक आप अपने FASTag को किसी दूसरे बैंक में दोबारा पोर्ट नहीं कर पाएंगे. 6 महीने पूरे होने के बाद ही FASTag को फिर किसी बैंक में पोर्ट किया जा सकता है.

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इससे यह साफ जाहिर होता है कि FASTag बैंक पोर्ट करने की सुविधा का इस्तेमाल लगातार या बार-बार नहीं किया जा सकता. हालांकि, इस नए नियम को खासतौर पर FASTag को बार-बार पोर्ट करने पर रोक लगाने के लिए लागू किया गया है. 

क्या है NHAI की OneTag सुविधा?

अब तक FASTag जारी करने वाले बैंक को बदलने के लिए कई मामलों में नया FASTag लेना पड़ता था, जिससे पुराने टैग को हटाकर नया टैग लगाने में परेशानी होती थी. लेकिन अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने FASTag यूजर्स के लिए OneTag सुविधा शुरू की है. इसके जरिए आपकी आपकी गाड़ी पर लगा FASTag वही रहेगा, सिर्फ उससे जुड़ा बैंक बदल जाएगा.
 
कैसे पोर्ट करें अपना FASTag?

  • सबसे पहले Rajmargyatra App पर जाएं. 
  • वहां OneTag ऑप्शन को चुनें. 
  • अपने FASTag से जुड़ी जानकारी के जरिए प्रोसेस शुरू करें. 
  • मौजूदा ऑप्शन में से अपना पसंदीदा issuer bank चुनें. 
  • जरूरी प्रोसेस पूरी होने के बाद आपका मौजूदा FASTag नए बैंक से लिंक किया जा सकेगा.

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