[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के मामले को सुप्रीम कोर्ट दिल्ली हाई कोर्ट से खुद के पास ट्रांसफर कर सकता है. गुरुवार (10 सितंबर) को अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह अपनी सुनवाई को लैंड यूज पर केंद्रित रखना चाहता है.

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने कहा कि हम पूरे देश को लेकर चिंतित हैं. 2 महीने बाद आप यह समझ सकेंगे कि हम क्या करना चाहते हैं.

सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

कोर्ट ने कहा कि आवासीय इलाकों में ऐसी गतिविधियां नहीं होनी चाहिए जो लोगों के चलने-फिरने, बच्चों के खेलने तक को मुश्किल बना दे. सुप्रीम कोर्ट ने यह संकेत भी दिया कि वह दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे का मामला अपने पास ट्रांसफर कर लेगा. 

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने स्पष्ट किया कि कोर्ट का व्यापक फोकस दिल्ली-एनसीआर में आवासीय के रूप में चिन्हित इलाकों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रहेगा.

कैसे गिरी इमारत?

साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को पांच मंजिला इमारत ढह गया था. इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई और पांच लोग जख्मी हैं. इस मामले में पुलिस ने इमारत की मालकिन 75 वर्षीय उर्मिला गुप्ता, वायु सेना से रिटायर्ड 81 साल के उनके पति हरिराम गुप्ता और उनके बेटे महेश गुप्ता (52) को गिरफ्तार किया है.

दिल्ली पुलिस ने बुधवार को बताया था कि गिरफ्तार एक आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि इमारत के भूतल पर एक दुकान बनाने के लिए एक दीवार तोड़ी गई थी, जिससे पूरी इमारत ढह गई.

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने राजधानी के सभी 12 जोन में खतरनाक इमारतों, अनधिकृत निर्माण और भवन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अपनी तोड़फोड़ कार्रवाई जारी रखी. पिछले दो-तीन दिन में एमसीडी की टीम ने विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करमपुरा, करोल बाग, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार में कार्रवाई की है.



Source link