[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


आईआईटी बॉम्बे में स्टूडेंट साहिल रवींद्र वाकोडे के सुसाइड मामले में आरोपी प्रोफेसर के समर्थन में कॉलेज की फैक्लटी उतर आई है. फैकल्टी के फोरम ने नंदन नीलेकणी मेन बिल्डिंग से कैंपस मार्च निकाला. यह मार्च प्रो. सूर्यनारायण दुल्ला के प्रति एकजुटता (Solidarity) व्यक्त करने के लिए आयोजित किया गया. फिलहाल इस मार्च को लेकर मीडिया को कैंपस के अंदर आने की इजाजत नहीं दी गई. वहीं फैकल्टी फोरम ने कहा है कि वह अपने प्रोफेसर के साथ मजबूती से खड़े हैं. 

प्रोफेसर को सस्पेंड नहीं किया गया: फैकल्टी फोरम

इधर, फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर को लेकर मीडिया में चल रही खबरों पर सफाई देते हुए बयान जारी किया है. फोरम की तरफ से बताया गया है कि उन्हें कॉलेज की सर्विस से सस्पेंड नहीं किया है. वह फिलहाल फैकल्टी सदस्य हैं. 

प्रेस रिलीज में जानकारी दी गई है कि 18 सितंबर 2026 की घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो सके, इस वजह से प्रोफेसर दुल्ला को पद की जिम्मेदारियों से अस्थायी रूप से हटाया है. हालांकि, इसका मतलब उन्हें सस्पेंड करना नहीं है. 

इसके अलावा प्रोफेसर का समर्थन करते हुए प्रेस रिलीज में कहा गया है कि आईआईटी फैकल्टी फोरम अपने सहयोगी प्रोफेसर के साथ मजबूती से खड़ा है.

‘प्रो. सूर्यानारायण को कई अवॉर्ड मिल चुके’

इसके अलावा फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर को प्रतिष्ठित फैकल्टी करार देते हुए कहा है कि उन्हें कई तरह के सम्मान और पुरस्कार मिल चुके हैं. उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता अवॉर्ड से दो बार नवाजा गया है. यह अवॉर्ड स्टूडेंट्स की राय के आधार पर दिए जाते हैं. 

इसके अलावा फैकल्टी फोरम की तरफ से कहा गया है कि दुल्ला लंबे वक्त से स्टूडेंट अफेयर्स के डीन रहे चुके हैं. उन्होंने छात्रों से जुड़ी कल्याणकारी पहलों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण रोल अदा किया है.

साथ ही फोरम ने उनसे जुड़ी खबरों को लेकर भी चिंता व्यक्त करते हुए दुख जताया है. साथ ही कहा है कि छात्र की मौत से सभी दुखी हैं. फैकल्टी फोरम अपने प्रोफेसर के साथ मजबूती के साथ खड़ा है.





Source link