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पश्चिम बंगाल में आईपीएस बुशरा बानो के ट्रांसफर को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है. अब पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन ने सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि यह बेहद ही चिंताजनक है कि ‘अस्सलाम वालेकुम’ और ‘इंशाल्लाह’ कहने पर एक आईपीएस अधिकारी का तबादला कर दिया गया.

पूर्व क्रिकेटर और पूर्व सांसद ने कहा कि जब अभिवादन किसी लोक सेवक को निशाना बनाने का आधार बन जाता है तो हमें यह सवाल पूछना चाहिए कि हम अल्पसंख्यकों को किस तरह का संदेश दे रहे हैं? आगे कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में है न कि पहचान पर नियंत्रण रखने में.

बीते दिनों हुआ था ट्रांसफर

पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार ने बीते दिनों आईपीएस अफसर बुशरा बानों का ट्रांसफर किया था, जिनके वीडियो को लेकर हाल में विवाद देखने को मिला था. यह ट्रांसफर उनके की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो के कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसकी काफी आलोचना हुई थी.

IPS डॉ. बुशरा बानो पश्चिम मेदिनीपुर के खड़गपुर में एडिशनल एसपी के तौर पर काम कर रही थीं. तबादले के बाद उन्हें स्टेट आर्म्ड पुलिस (SAP) की चौथी बटालियन का डिप्टी कमांडेंट नियुक्त किया गया है. बानो की जगह पार्थ घोष अब पश्चिम मेदिनीपुर के खड़गपुर में नए एडिशनल SP का पद संभालेंगे.

बुशरा बानों के वीडियो को लेकर आलोचना

बुशरा बानो के यूपीएससी की तैयारी करने वालों को मोटिवेट करने के लिए एक वीडियो बनाया था. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई लोगों ने इस बात के लिए उनकी आलोचना की कि उन्होंने वीडियो में ‘जय हिंद’ या ‘वंदे मातरम’ नहीं कहा.

IPS के खिलाफ कार्रवाई की मांग

‘हिंदू लीगल फंड’ नाम के एक एक्स हैंडल ने इस वीडियो को लेकर बंगाल के गृह सचिव से शिकायत करने की बात कही थी. आरोप लगाया कि ‘उन्होंने अपने वीडियो की शुरुआत ‘अस्सलाम वालेकुम’ से की, बीच में ‘इंशाअल्लाह’ कहा और आखिरी में ‘जजाकल्लाह’ से किया, लेकिन ‘वंदे मातरम’ या ‘जय हिंद’ का इस्तेमाल नहीं किया.’ आगे लिखा, ‘एक सरकारी अधिकारी को निष्पक्ष रहना चाहिए और सार्वजनिक बातचीत में राष्ट्रीय शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए. हम इस पर उचित समीक्षा और कार्रवाई की मांग करते हैं.’



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