पंजाब में विधानसभा चुनाव के लिए एक ओर जहां चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बीच अलायंस हो सकता है. वहीं दूसरी ओर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने कहा है कि सभी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे.
पटियाला में पहली जोनल मीटिंग को संबोधित करते हुए, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष ने कहा, ‘पंजाब बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है और बीजेपी इस बदलाव को हकीकत में बदलने के लिए पूरी तरह तैयार है. आने वाले विधानसभा चुनावों में, बीजेपी पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और जीत हासिल करके राज्य में अपनी सरकार बनाएगी.’
बी.एल. संतोष पंजाब के अलग-अलग इलाकों में बीजेपी नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों के साथ जोनल मीटिंग करके संगठन की गतिविधियों और आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करेंगे. इन मीटिंग्स में खास तौर पर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा.
पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी के बीच साल 1996 से साल 2020 तक अलायंस रहा. 24 साल के इस गठबंधन में बीजेपी और शिअद ने साथ में 6-6 विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़े. इन सभी चुनावों में सीटों का बंटवारा 94-23 के आधार पर होता था. यानी 94 सीटें शिअद और 23 सीटें बीजेपी.
पंजाब विधानसभा और लोकसभा में क्या रहे परिणाम?
6 विधानसभा चुनावों में से 2002 और 2017 में अलायंस को हार का सामना करना पड़ा. वहीं सन्, 1997, 2007 और 2012 में गठबंधन ने जीत हासिल की. हर बार सीएम शिअद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे दिवंगत सुखबीर सिंह बादल रहे.
विधानसभा चुनावों की बात करें तो साल 1997 में SAD ने 92 सीटों पर चुनाव लड़ा और 75 पर जीत दर्ज की . BJP ने 18 सीटें जीतीं . गठबंधन के खाते में कुल 93 सीटें आईं . साल 2007 में SAD ने 94 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और 49 सीटों पर सफलता हासिल की . BJP ने 19 पर जीत दर्ज की . दोनों दलों के खाते में 68 सीटें आईं . साल 2012 में SAD ने 94 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और 56 सीटें जीतीं . BJP ने 12 सीटों पर जीत हासिल की . गठबंधन ने 68 सीटों के साथ लगातार दूसरी बार सरकार बनाई .
लोकसभा चुनाव की बात करें तो साल 1999 में SAD ने 9 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, जिनमें से 2 पर जीत मिली. BJP ने 3 सीटों पर चुनाव लड़ा और 1 सीट अपने नाम की. साल 2004 में SAD ने 10 सीटों पर चुनाव लड़ा और 8 पर जीत दर्ज की. वहीं, BJP ने 3 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और 2 सीटें जीतीं. साल 2009 में SAD ने 10 सीटों पर किस्मत आजमाई और 4 सीटों पर जीत हासिल की. BJP ने 3 सीटों पर चुनाव लड़ा और 1 सीट जीती. साल 2014 में SAD ने 10 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और 4 सीटें जीतीं. BJP ने 3 सीटों पर चुनाव लड़ा, जिसमें उसे 2 सीटों पर सफलता मिली. साल 2019 में SAD ने 10 सीटों पर चुनाव लड़ा और 2 सीटों पर जीत दर्ज की. BJP ने 3 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और 2 सीटें अपने नाम कीं.
अब सवाल यह उठ रहा है कि एक ओर हरसिमरत कौर ने बीते दिनों एक सभा में संकेत दिए थे कि अलायंस हो सकता है वहीं अब बीएल संतोष के इस बयान से फिर बात उठ रही है क्या साल 2022 की तरह बीजेपी अकेले चुनाव लड़ेगी?
अलायंस की संभावनाओं पर क्या है सियासी रिएक्शन?
उधर, शिअद और बीजेपी के अलायंस को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की ओर से भी प्रतिक्रियाएं आईं हैं. पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस के बढ़ते दखल के चलते, शिअद और बीजेपी अलायंस कर सकते हैं. वहीं आप का कहना है कि बीजेपी और शिअद के पास नेता नहीं बचे हैं इसलिए वह एक दूसरे की बैशाखी बनकर मैदान में उतरेंगे.
जानकारों की मानें तो बीजेपी इस चुनाव में 94-23 वाले फॉर्मलूे को तोड़ना चाहती है. वह भले ही पंजाब में शिअद को बड़ा भाई मानकर उसके साथ चले लेकिन वह सीटों के बंटवारे के 30 साल पुराने फॉर्मूले की जगह नए समीकरण बनाने की जुगत में है.
ऐसे में यह देखना होगा कि आगामी चुनावों से पहले शिअद और बीजेपी के बीच अलायंस होगा या दोनों ही दल अकेले चुनावी मैदान में उतरेंगे.