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  • पैनल का आकार घर की बिजली खपत पर आधारित है।

गर्मी के मौसम में हर घर में बिजली से चलने वाले उपकरणों का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में लेकिन अगर आपके इलाके में बार-बार बिजली जाने की समस्या से आप परेशान हैं तो यह जानकारी आपके लिए जरूरी है. बिजली जाने की परेशानी से राहत पाने के लिए लोग अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाना तो चाहते हैं, लेकिन ये समझ नहीं आता कि कौन सा सोलर पैनल उनके घर के लिए फिट है. अगर आपके भी इलाके में बार-बार बिजली जाती है तो हाइब्रिड सोलर सिस्टम आपके लिए अच्छा ऑप्शन है. 

 हाइब्रिड सोलर सिस्टम क्यों रहेगा सही?

आपके इलाके में बिजली दिन में कई बार जाती है, जिसकी वजह से आप काफी परेशान हैं तो आप हाइब्रिड सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं. इसकी खास बात यह है कि इस सिस्टम में बैटरी बैकअप मौजूद होता है और सोलर पैनल के साथ-साथ ही बैटरी बैंक भी लगा होता है, जो एक्स्ट्रा बिजली दिन में सोलर पैनल से बनती है वो बिजली बैटरी में स्टोर हो जाती है.

ऐसे में जब अचानक ग्रिड की बिजली चली जाती है तो सोलर सिस्टम बैटरी में जमा बिजली का इस्तेमाल घर के दूसरे उपकरणों को चलाने के लिए करता है. यानी जब बिजली चली जाती है, उसके बाद भी घर के जरूरी उपकरण चलने बंद नहीं होते हैं, बैटरी बैकअप की मदद से जरूरी उपकरण चलते रहते हैं. 

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इस सिस्टम के कई हैं  फायदे

हाइब्रिड सोलर सिस्टम लगवाने से आपको बिजली बिल से काफी हद तक राहत तो मिलेगी ही, साथ ही जब बिजली चली जाएगी तो सिस्टम बैटरी में जमा बिजली से घर के जरूरी उपकरणों को चला सकता है. यानी आपको बिजली के बार-बार जाने से हो रही परेशानी से भी काफी राहत मिल सकती है.

कितने किलोवाट का लेना चाहिए पैनल?

अगर आप हाइब्रिड या फिर दूसरा कोई सोलर सिस्टम लगवा रहे हैं तो कितने किलोवाट का सिस्टम आपके घर के लिए सही रहेगा, तो ये इस बात से तय किया जा सकता है कि आपके घर में बिजली की कितनी खपत होती है, इसके आधार पर ही किलोवाट तय करना सही रहता है. अगर आपके घर में ज्यादा बिजली से चलने वाले उपकरणों का इस्तेमाल नहीं होता है. यानी बिजली की खपत कम है तो आप 1-2 किलोवाट का भी सोलर पैनल लगवा सकते हैं और वहीं अगर ज्यादा एसी और बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल होता है तो आप 5 और 10 किलोवाट के सोलर पैनल लगवाने के बारे में सोच सकते हैं. 

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