[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


Why Eating Paan On Wedding Night: भारत में पान खाने का चलन प्राचीन समय से रहा है. पहले के दौर में घर-घर में पान रखा जाता था और मेहमानों को भी पान खिलाकर उनका स्वागत किया जाता था. समय बदला तो रोजाना पान खाने वालों की संख्या कम होती गई, लेकिन शादी-विवाह जैसे खास मौकों पर पान की परंपरा आज भी बनी हुई है. खासकर नवविवाहित जोड़ों से जुड़ी रस्मों में पान का अपना अलग महत्व माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सुहाग रात के दिन पान क्यों खाया या खिलाया जाता है? इसके पीछे सिर्फ एक नहीं बल्कि परंपरा और मान्यताओं से जुड़े कई कारण बताए जाते हैं.

शादी की रस्मों में क्यों शामिल है पान?

भारतीय कल्चर में पान को शुभ माना जाता है. पूजा-पाठ से लेकर शादी-विवाह तक कई रस्मों में पान के पत्ते का इस्तेमाल किया जाता है. मेहमानों को भोजन के बाद पान खिलाने की भी पुरानी परंपरा रही है. शादी के बाद नवविवाहित जोड़े को पान देना भी कई जगहों की परंपरा का हिस्सा है. सुहाग रात के मौके पर पान को प्रेम और दांपत्य जीवन की नई शुरुआत से जोड़कर देखा जाता है. पुराने समय में यह माना जाता था कि पान नवविवाहित जोड़े के बीच प्रेम और अपनापन बढ़ाने का प्रतीक है. हालांकि, हर जगह सुहाग रात में पान खिलाने की एक जैसी रस्म नहीं होती. अलग-अलग राज्यों और परिवारों में इसे लेकर अपनी-अपनी परंपराएं हैं.

Suhagrat Paan Tradition: सुहागरात पर क्यों खिलाया जाता है पान? जानें असली वजह

क्या कामेच्छा बढ़ाने के लिए खिलाया जाता है पान?

पारंपरिक मान्यताओं में पान को कामेच्छा से भी जोड़कर देखा जाता रहा है. यही वजह है कि सुहाग रात में पान खिलाने के पीछे यह कारण भी बताया जाता है. पुराने समय में लोगों का मानना था कि पान खाने से शरीर में ताजगी आती है और यह दांपत्य जीवन की शुरुआत के लिए अच्छा माना जाता है. हालांकि, पान खाने से कामेच्छा बढ़ती है, इस बात के पर्याप्त साइंटफिक प्रमाण मौजूद नहीं हैं. सुहाग रात में पान खाने की परंपरा को मुख्य रूप से पुरानी मान्यताओं और सांस्कृतिक रस्मों से जोड़कर देखा जाता है.

मुंह की ताजगी के लिए भी खाया जाता है पान

पान खाने की एक बड़ी वजह मुंह में ताजगी महसूस होना भी है. खासतौर पर मीठे पान में सौंफ, इलायची, नारियल और गुलकंद जैसी चीजें डाली जाती हैं. ये चीजें पान के स्वाद और खुशबू को बढ़ाने का काम करती हैं. इलायची और सौंफ की खुशबू के कारण पान खाने के बाद मुंह में ताजगी महसूस हो सकती है. यही कारण है कि पहले भोजन के बाद पान खाने का चलन काफी आम था. शादी-ब्याह के दौरान भी दावत के बाद मेहमानों को पान दिया जाता था. सुहाग रात में भी पान को इसी तरह ताजगी और खास मौके से जोड़कर देखा जाता है.

Suhagrat Paan Tradition: सुहागरात पर क्यों खिलाया जाता है पान? जानें असली वजह

आयुर्वेद में भी होता है पान के पत्ते का इस्तेमाल

पान के पत्ते का इस्तेमाल लंबे समय से पारंपरिक और आयुर्वेदिक तरीकों में किया जाता रहा है. पान के पत्तों में कई तरह के प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, इसलिए अलग-अलग घरेलू नुस्खों में भी इसका उपयोग किया जाता रहा है. हालांकि, किसी बीमारी के इलाज के लिए सिर्फ पान के पत्ते पर निर्भर रहना सही नहीं है. मस्सों और त्वचा से जुड़ी समस्याओं के लिए भी पान के पत्ते के इस्तेमाल से जुड़े कई पारंपरिक नुस्खे प्रचलित हैं. इसी तरह फोड़े-फुंसियों के लिए पान के पत्ते को गर्म करके लगाने की सलाह भी पुराने घरेलू नुस्खों में दी जाती रही है. लेकिन इंफेक्शन त्वचा की गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.

इसे भी पढ़ेंः  Dengue Fever: डेंगू का बुखार उतर गया तो न हों खुश! अगले 24-48 घंटे हैं अहम

पान खाते समय इन बातों का रखें ध्यान

सुहागरात हो या कोई दूसरा खास मौका, पान खाते समय यह जानना जरूरी है कि हर तरह का पान सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होता. तंबाकू, गुटखा और ज्यादा सुपारी वाले पान से बचना चाहिए. ये चीजें मुंह के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती हैं और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती हैं.

इसे भी पढ़ें- Suhagrat Milk: सुहागरात के लिए कैसे तैयार करें दूध का गिलास, क्या-क्या चीजें मिलाएं?



Source link