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पंजाब के पूर्व प्रभारी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने एक ही परिवार के चार लोगों को टिकट देने वाले अपने बयान पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि उनके बयान का मतलब यह नहीं था कि कांग्रेस हर हाल में एक ही परिवार के चार लोगों को टिकट देगी. उनका कहना है कि अगर कोई बड़ा नेता ऐसे चार उम्मीदवारों की जिम्मेदारी लेता है, जिनके चुनाव जीतने की पूरी संभावना है, तो पार्टी ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर सकती है.

रंधावा ने अपने ही परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके पिता पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे थे. वर्ष 1997 में उन्होंने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिलाया था. इसके बाद उनके पिता सक्रिय राजनीति से हट गए. इसी तरह उन्होंने सरदार बेअंत सिंह के परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके बेटे तेज सिंह के चुनाव जीतने के बाद अपने बेटे को टिकट दिलाने के बाद वे भी चुनावी राजनीति से हट गए थे.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई ऐसे राजनीतिक परिवार रहे हैं, जिन्होंने पार्टी के लिए लंबे समय तक काम किया है. ऐसे में यदि कोई वरिष्ठ नेता यह भरोसा दिलाता है कि उसके बताए चारों उम्मीदवार चुनाव जीतने की क्षमता रखते हैं, तो पार्टी को उस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.

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‘टिकट वितरण पर राहुल गांधी की सोच स्पष्ट’

रंधावा ने ये भी कहा कि कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर राहुल गांधी की भी सोच स्पष्ट है. सभी बड़े नेताओं को बैठाकर चर्चा और मंथन के बाद उम्मीदवारों का फैसला होना चाहिए. यानी टिकट केवल परिवार के आधार पर नहीं, बल्कि उम्मीदवार की जीतने की क्षमता और संगठन में उसके योगदान को भी ध्यान में रखकर तय किए जाने चाहिए.

अमित शाह के बयान पर भी पलटवार

वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के राजस्थान दौरे के दौरान वंदे मातरम् के कथित अपमान को लेकर सोनिया गांधी पर लगाए गए आरोपों पर भी रंधावा ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी को ऐसे मुद्दों में उलझने के बजाय देश के सामने मौजूद वास्तविक चुनौतियों पर चर्चा करनी चाहिए.

‘गंभीर समस्याओं पर होनी चाहिए बहस’

इसके अलावा रंधावा ने पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन, नशे और गैंगस्टर नेटवर्क जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में इन गंभीर समस्याओं पर बहस होनी चाहिए. उन्होंने कांग्रेस और गांधी परिवार के आजादी की लड़ाई में योगदान का जिक्र करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा.

‘कांग्रेस नेताओं ने आजादी के लिए दिया खून’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं और उनके परिवारों ने देश की आजादी के लिए खून दिया है. उन्हें किसी से देशभक्ति का प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है. रंधावा ने बीजेपी से सवाल किया कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उसके नेताओं और उनके परिवारों से कितने लोग जेल गए या फांसी पर चढ़े. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी और आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

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