[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


ओडिशा के अधिकतर इलाकों में भयंकर बारिश हो रही है. इसकी वजह से अब बाढ़ का खतरा भी मंडरा रहा है. खतरे की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने 70,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. सरकार ने 395 राहत शिविर बनवाए हैं. पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश के कारण सभी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी रविवार (27 सितंबर) को दक्षिण ओडिशा के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे.

‘पीटीआई’ के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि 13 जिलों- बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, कालाहांडी, कोरापुट, नबरंगपुर, मलकानगिरि, क्योंझर, नयागढ़, कंधमाल, बोलंगीर और जगतसिंहपुर- में अचानक आई बाढ़ और जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं.

तटीय जिले बालासोर में स्थिति सबसे गंभीर रही, जहां तीन प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. अधिकारियों ने बताया कि शाम पांच बजे जलेश्वर के राजघाट में सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर 11.07 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 10.36 मीटर है. उन्होंने बताया कि इसके कारण भोगराई, जलेश्वर, बालीपाल और बस्ता प्रखंडों के गांवों में बाढ़ आ गई है.

खतरे के निशान के ऊपर पहुंची बुधबलंग नदी

बुधबलंग नदी गोविंदपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-16 के पास 8.8 मीटर के स्तर पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी. अधिकारियों ने बताया कि बालासोर में कंसाबांसा, सोआ और गंगाहार जैसी अन्य नदियां भी उफान पर हैं.

मयूरभंज में सिमिलिपाल राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों ने देवकुंड पर्यटन स्थल को अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है. एक अधिकारी ने बताया कि कई जलधाराओं और नालों में जलस्तर काफी बढ़ गया है, इसलिए पर्यटकों को अभयारण्य में जाने से बचने की सलाह दी गई है. देवकुंड तक जाने वाले मार्ग पर पुल और पुलियां बह गई हैं. बुधबलंग नदी का पानी बारीपदा नगरपालिका के कुछ इलाकों के अलावा बड़साही, बेतनटी, उदला, कप्तीपदा, सारसकाना और रासगोविंदपुर प्रखंडों में प्रवेश कर गया.

आपदा प्रबंधन मंत्री ने क्या कहा

इस बीच, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि जलाशय से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए शनिवार को हीराकुड बांध के 11 और गेट खोले गए. उन्होंने कहा कि अब तक कुल 16 फाटक खोले जा चुके हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ में महानदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के कारण हमें और गेट खोलने पड़े हैं. फिलहाल जलस्तर 629.56 फुट है, जबकि पूर्ण जलाशय स्तर 530 फुट है.’’ उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है.

इनपुट – पीटीआई

यह भी पढ़ें : UNSC में स्थायी जगह के लिए रूस ने भारत का दिया साथ, जर्मनी-जापान क्या बोले?



Source link