गैंगस्टर से समाजसेवी बने गुरप्रीत सेखों के AAP में शामिल होने पर विवाद खड़ा हो गया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार (06 सितंबर) को फिरोजपुर के जीरा में सेखों को आम आदमी पार्टी में शामिल करवाया. वहीं विपक्ष ने इस पर सवाल उठाए हैं कि एक तरफ सरकार गैंगस्टरों के खिलाफ अभियान चलाने का दावा कर रही है तो वहीं सेखों को पार्टी शामिल कर रही है.
सेखों का नाम 2016 के चर्चित नाभा जेल ब्रेक मामले समेत कई आपराधिक मामलों से जुड़ा रहा है. रिपोर्टस के मुताबिक सेखों पर कुल 47 अपराधिक मामले दर्ज रहे हैं.
सीएम भगवंत मान ने गुरप्रीत सेखों का किया बचाव
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सेखों के बचाव में कहा, ”किसी व्यक्ति को केवल उसके अतीत के आधार पर नहीं परखा जाना चाहिए और परिस्थितियां कभी-कभी व्यक्ति को गलत रास्ते पर ले जा सकती हैं.” सेखों की ओर से भी दावा किया गया है कि उनके खिलाफ कानूनी मामलों का निपटारा हो चुका है और पिछले कुछ वर्षों से वह सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं.
गुरप्रीत सेखों ने क्या कहा?
गुरप्रीत सेखों ने फोन पर कहा, ”मेरे खिलाफ जितने भी मामले थे वह सब समाप्त हो चुके हैं और कोई भी मामला अब अदालत में लंबित नहीं हैं. नाभा जेल ब्रेक मामले में भी जितनी सजा उनकी बनती थी वो उसे भुगत चुके हैं और वे चुनाव लड़ने के लिए योग्य हैं.”
बीजेपी नेता फतेह जंग बाजवा ने AAP सरकार को घेरा
उधर, बीजेपी नेता फतेह जंग बाजवा ने गैंगस्टर से नेता बने गुरप्रीत सेखों के आम आदमी पार्टी में शामिल होने पर कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले दावा किया था कि गैंगस्टर बादल परिवार और कांग्रेस पार्टी की देन हैं तो फिर ऐसे विवादित लोग अब अपने राजनीतिक संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए आम आदमी पार्टी का रुख क्यों कर रहे हैं?
उन्होंने कहा कि AAP की प्राथमिकता केवल चुनावी सीटें जीतना रह गई है, चाहे इसके लिए पार्टी में किसी को भी शामिल क्यों न किया जाए. पंजाब की जनता ऐसे तत्वों को वोट नहीं देगी.
SAD नेता अर्शदीप सिंह कलेर का AAP पर हमला
वहीं, शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा है कि आम आदमी पार्टी की हालत यह हो गई है कि उन्हें प्रत्याशी नहीं मिल रहे हैं और वो बिना उसका बैकग्राउंड चेक किए किसी को भी उठाकर प्रत्याशी बना देते हैं.
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