चंडीगढ़ में एलिमेंट्री टीचर ट्रेनिंग (ETT) टीचर्स यूनियन के 180 सदस्य अपने परिवारों और बच्चों के साथ पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा के घर के बाहर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे. कुछ समय बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. इस प्रदर्शन की वजह बेरोजगार शिक्षक हैं. बताया जा रहा है कि काफी सालों से अपनी मांगों को लेकर ईटीटी टीचर्स प्रोटेस्ट कर रहे हैं. खासकर अपनी नौकरी को लेकर टीचर्स का प्रदर्शन जारी है.
टीचर्स ने भगवंत मान सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है. हालांकि सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों से बाचतीच की कोशिश की जा रही है. इसमें ईटीटी टीचर्स और कंप्यूटर टीचर्स लगातार प्रोटेस्ट कर रहे हैं. पहले भी मोहाली में भी बड़े लेवल पर टीचर्स ने प्रोटेस्ट किया था. सैलरी की मांगों को लेकर शिक्षकों द्वारा यह प्रदर्शन लगातार किया जा रहा है. वित्त मंत्री हरपाल चीमा के घर के बाहर सैकड़ों की संख्या में टीचर्स प्रदर्शन कर रहे हैं.
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— ABP News (@ABPNews) August 22, 2026
प्रदर्शनकारी टीचर्स का क्या कहना है?
प्रोटेस्ट के बीच प्रदर्शनकारी टीचर सुमनप्रीत कौर का कहना है कि शिक्षा विभाग के क्लर्कों ने अपने चहेतों को एडजस्ट करने के लिए धांधली और इतना बड़ा घोटाला किया है. इस पर हमारी मांग है कि उसे सस्पेंड किया जाए और हमारा हक दिया जाए. हालांकि शिक्षा मंत्री और वित्त मंत्री दोनों का कहना है कि हमारे पास उनको सस्पेंड करने की पावर नहीं है. आपकी मीटिंग सीएम से करवाएंगे, लेकिन वो दिन नहीं आ रहा है.”
‘हमारे साथ अन्याय किया गया है’
सुमनप्रीत ने आगे बताया कि सीएम के साथ कोई मीटिंग नहीं हो रही है. उनसे हमराी कोई बात नहीं हो रही है और यह सिर्फ बहाना बनाकर टाइमपास करवा रहे हैं. हम 10 साल से सिर्फ अपनी जायज न्याय की मांग कर रहे हैं. हमारे साथ अन्याय किया गया है. हमें यह नहीं पता कि उस क्लर्क और कर्मचारियों के साथ क्या रिश्ता है जो उनको सस्पेंड नहीं किया जा रहा है और हमें हमारा हक नहीं दिया जा रहा है. हमारे बच्चों के हाथ से रोटी छीनी जा रही है और हमारा हक छीना जा रहा है.
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फिर इस्तीफा क्यों नहीं दे देते- प्रदर्शनकारी टीचर
मंत्रियों के पास सस्पेंड न करने की पावर न होने पर कहा कि यह फिर मंत्री किसके हैं. क्यों मंत्री बने हुए और इस्तीफा क्यों नहीं दे देते. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह सरकार दिल्ली से चल रही है. हमारा पंजाब इतना गर्क है कि हमारे पास ऐसे कर्मचारयों को सस्पेंड करने की पावर नहीं है. इससे साबित होता है कि हमारे देश में न्याय करने की पावर किसी के पास नहीं है. न्यायपालिका सिर्फ कहने के लिए है, लेकिन न्याय कोई नहीं कर रहा है.
‘जब तक हमारा मसला हल नहीं होता तब तक….’
वहीं अन्य ईटीटी टीचर गुरमुख सिंह ने कहा, “पंजाब सरकार ने गड़बड़ी फैलाई है और अनियमितताएं की हैं. इसलिए हम विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. आम आदमी पार्टी लगातार वादे करती आ रही है. पिछले दो सालों से वे हमें बैठकों के लिए बुला रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है.”
उन्होंने बताया, “इसलिए हम हरपाल चीमा के घर के पास आए हैं कि या तो हमारा काम कर दिया जाए या फिर हमें जवाब दिया जाए. हम बार-बार दुखी होकर आज यहां आए हैं. फिर भी यह हमारी एक बात नहीं सुन रहे हैं. जब तक हमारा मसला हल नहीं होता तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा.”
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