[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


तमिलनाडु में मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के मिली करारी हार के बाद DMK प्रमुख एमके स्टालिन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि यह धोखेबाजी की अंतरिम जीत और फर्जी मुखौटे की राजनीति के पतन की शुरुआत हुई है.

उन्होंने कहा कि वे चाहे कुछ भी कर लें, जनता के भरोसे को डीएमके पर से हटा नहीं सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘हम मुख्यमंत्री विजय का मुखौटा उतारने के अपने अभियान को दिन-रात लगातार जारी रखेंगे, जो सिर्फ सिनेमाई आकर्षण की बदौलत सत्ता तक पहुंचे हैं, उन्होंने जनता को धोखा दिया और अब मुट्ठी भर कॉरपोरेट माफियाओं के हाथों की कठपुथली बनकर सरकार चला रहे हैं. वो राज्य के हितों के खिलाफ काम करने वाली ताकतों के जाल में फंसे हुए हैं. जनता जल्द ही पूरी तरह से जागरूक हो जाएगी. ‘

CM विजय को लेकर क्या बोले एमके स्टालिन?

तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुक एमके स्टालिन ने शुक्रवार (9 अक्टूबर) को अपने X प्लेटफॉर्म हैंडल से पोस्ट शेयर कर कहा, ‘विधानसभा चुनाव के खत्म होने के महज पांच महीने बाद ही इस उपचुनाव को जनता के ऊपर थोपा गया. अभी तक तो वोट देने के बाद उनकी स्याही भी सूख नहीं पाई थी, कि दो विधायकों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया और अगले ही पल सत्तारूढ़ पार्टी (TVK) में शामिल हो गए. यह लोकतंत्र की खुलेआम हत्या थी. इसी वजह से यह उपचुनाव कराना पड़ा.’ 

उन्होंने टीवीके पर निशाना साधते हुए कहा, ‘सत्तारूढ़ दल ने उन्हीं दोनों दलबदलुओं को अपना उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतारा. सत्ता की ताकत, सरकारी मशीनरी, पैसे और पुलिस की ताकत के सहारे टीवीके इस चुनाव में टिक पाया. सिर्फ सिनेमाई लोकप्रियता के भरोसे विजय, जो बहुमत के बिना ही जोड़-तोड़ के जरिए सीएम बने, को लगा कि इस उपचुनाव में भी वे सिर्फ रीलें बनाकर जीत जाएंगे.’  

किसी CM को इस तरह से प्रचार करते हुए नहीं देखा- स्टालिन

एमके स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए कहा, ‘उन्होंने चाय पी, ट्रैक्टर चलाए, ड्रमस्टीक्स तोड़े और गली-गली घूमे. किसी उपचुनाव के लिए किसी पद पर बैठे मुख्यमंत्री को इस तरह से घर-घर जाकर प्रचार करते हुए पहले कभी नहीं देखा गया. उन्हें पूरा यकीन था कि इन दोनों सीटों पर जीत उनके राजनीतिक करियर के लिए बहुत जरूरी है.’

उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने दोनों उपचुनावी क्षेत्रों में चार दिन बिताए. बाहर से लाई गई भीड़, उनके गुजरने वाले हर रास्ते पर लगाए गए बैरिकेड्स, बांटे गए पर्चे और सत्तारूढ़ पार्टी के अपने प्रत्याशी की तरफ से मंत्रियों पर किए गए भारी खर्च का उल्लेख करने वाले हलफनामे, अगर इन सभी चीजों को देखें तो यह साफ हो जाता है कि टीवीके इस जीत के लिए कितनी बेताब थी.’ 

यह भी पढ़ेंः सीजेपी प्रोटेस्ट: दिल्ली में मेट्रो-ट्रेन की पाबंदी पर सरकार से बोले CJI- ‘दोबारा करें विचार’



Source link