पंजाब पुलिस के बर्खास्त AIG राजजीत सिंह हुंदल को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है. करीब साढ़े 3 साल से फरार चल रहे राजजीत सिंह ने पटियाला में सरेंडर किया, जिसके बाद पंजाब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. राजजीत सिंह के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज है. इस मामले में 50 से ज्यादा NDPS सैंपल फेल होने का भी जिक्र सामने आया था.
राजजीत सिंह को अप्रैल 2023 में साल 2018 में दर्ज एक NDPS मामले में नामजद किया गया था. इसके बाद से ही वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे. करीब साढ़े तीन साल तक फरार रहने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में सरेंडर करने की पेशकश की थी. हालांकि, अब उन्होंने पटियाला में सरेंडर कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
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इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह से जुड़ा है पूरा मामला
दरअसल, साल 2017 में जालंधर पुलिस ने बर्खास्त इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह के घर से 4 किलो हेरोइन और एक AK-47 बरामद की थी. जांच के दौरान इंद्रजीत सिंह के कई बड़े पुलिस अधिकारियों से संबंध होने की बात सामने आई थी.
इस मामले की जांच पंजाब सरकार की ओर से गठित स्पेशल टास्क फोर्स यानी STF ने भी की थी. DGP हरप्रीत सिंह सिद्धू की अध्यक्षता में बनी STF ने जून 2018 में इंद्रजीत सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की थी.
जांच में राजजीत सिंह की भूमिका भी आई सामने
जांच के दौरान STF के सामने यह बात आई कि इंद्रजीत सिंह को राजजीत सिंह का करीबी बताया जाता था. आरोप था कि राजजीत सिंह ने नशे से जुड़े मामलों में इंद्रजीत सिंह को बचाने में भूमिका निभाई. इसी जांच के आधार पर अप्रैल 2023 में राजजीत सिंह को भी उसी FIR में नामजद किया गया था.
अब पटियाला में सरेंडर करने के बाद पंजाब पुलिस ने राजजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस की जांच और अदालत की प्रक्रिया के मुताबिक होगी.
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