पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा को हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए गए आप नेता संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है. बता दें, संजीव अरोड़ा को ईडी ने 9 मई को गिरफ्तार किया था. वह अभी गुरुग्राम की भोंडसी जेल में बंद हैं.
जानकारी के लिए बता दें, जून 2026 में ED ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तलाशी अभियान चलाया था, जिसके तहत पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा और कुछ अन्य लोगों के ठिकानों पर रेड की गई थी. संजीव अरोड़ा और अन्य पर मोबाइल फोन की बिक्री से संबंधित कथित 100 करोड़ रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी का आरोप है. अधिकारियों के अनुसार, अरोड़ा की कंपनी ‘हैम्पटन स्काई रियल्टी’ से जुड़े मामले में दिल्ली-नोएडा (NCR) और पंजाब के लुधियाना और जालंधर में छापेमारी की गई.
सचिन पायलट बोले, ‘वड़िंग ने संगठन की मजबूती के लिए कड़ी मेहनत की लेकिन…’
संजीव अरोड़ा के यहां मई से चल रही छापेमारी
ईडी ने संजीव अरोड़ा को 9 मई को उनके सरकारी आवास से ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था. उन्होंने अपनी याचिका में ‘ईडी की गैर-कानूनी और असंवैधानिक हिरासत’ से तत्काल रिहाई की मांग करते हुए ‘विवादित गिरफ्तारी’ को निरस्त करने तथा उसके बाद दी गई रिमांड को रद्द करने का अनुरोध किया था.
इससे पहले, 9 मई को चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर में अरोड़ा के ठिकानों पर तलाशी ली गई थी. 2024 में, लुधियाना (पश्चिम) के विधायक अरोड़ा को औद्योगिक जमीन को आवासीय परियोजनाओं में बदलने के कथित मामले में ईडी की छापेमारी का सामना करना पड़ा था. उस समय वे राज्यसभा सांसद थे.
अरोड़ा की गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद, हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (पहले रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज) ने सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि मोबाइल-फोन एक्सपोर्ट के काम में सभी लागू कानूनों का पूरी तरह पालन किया गया है. कंपनी ने एक बयान में कहा कि उसने मई 2023 में मोबाइल-फोन एक्सपोर्ट के कारोबार में कदम रखा था.
‘भगवंत मान को CM बने रहने का कोई अधिकार नहीं’, परविंदर झोटा हत्याकांड पर बोले पायलट