[wpcode id="23"]
BREAKING India Latest News | World News | Sports | Business | Entertainment | Technology | Weather Updates | Live News 24x7


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • यह छूट व्यापार और सुरक्षा ढांचे के समझौते के तहत मिलेगी।

अमेरिका ने भारत समेत दुनिया के 20 देशों से आयात की जाने वाली कुछ विशेष दवाओं और उनसे जुड़े कंपोनेंट्स पर जीरो प्रतिशत टैक्स का घोषणा की है. इन दवाओं का इस्तेमाल दुर्लभ बीमारियों के इलाज में किया जाता है. अमेरिका के वाणिज्य विभाग ने अपने फेडरल रजिस्टर में दुनिया के उन 20 देशों के नामों की लिस्ट जारी की है, जहां से आयात होने वाली विशेष दवाओं को टैक्स फ्री करने की घोषणा की गई है.

विश्व सीमा शुल्क संगठन के मुताबिक, यह मूल्यानुसार शुल्क (Ad Valorem Tax), कर योग्य वस्तुओं के मौद्रिक मूल्य का एक निश्चित प्रतिशत होता है. अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने मंगलवार (29 सितंबर, 2026) से कुछ पेटेंट प्राप्त दवाओं को इंपोर्ट और उनसे जुड़े कंपोनेंट्स पर 100 परसेंट टैक्स लगाने की तैयारी कर रहा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणापत्र में क्या कहा था?

दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसी साल दो अप्रैल को पेटेंट प्राप्त दवाओं, बायोलॉजिक्स और उनसे जुड़े कंपोनेंट्स के इंपोर्ट पर टैक्स लगाने के संबंध में एक घोषणापत्र जारी किया था. उसी घोषणापत्र के मद्देनजर अमेरिका की ट्रंप प्रशासन अब इस कार्रवाई की तैयारी कर रही है.

किन-किन दुर्लभ बीमारियों में इस्तेमाल होंगी दवाएं 

न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी कॉमर्स डिपोर्टमेंट की तरफ से जीरो परसेंट टैक्स के लिए पात्र उत्पादों में दुर्लभ बीमारियों की सभी दवाएं, बांझपन उपचार, सेल थेरेपी, जीन थेरेपी, एंटीबॉडी-ड्रग कंजुगेट्स (ADC) और पशु औषधियां शामिल हैं. इन दवाओं में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स भी जीरो प्रतिशत टैक्स रेट के दायरे में आएंगे.

अमेरिकी लिस्ट में कौन-कौन से देश शामिल?

अमेरिकी कॉमर्स विभाग के मुताबिक, जीरो टैक्स रेट वाली लिस्ट में भारत के अलावा, अर्जेंटीना, बांग्लादेश, कंबोडिया, इक्वाडोर, अल साल्वाडोर, यूरोपीय संघ, ग्वाटेमाला, इंडोनेशिया, जापान, जॉर्डन, मलेशिया, उत्तरी मैसेडोनिया, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन, ताइवान, थाईलैंड, ब्रिटेन और वियतनाम शामिल है.

नोटिस में कहा गया कि इन देशों से आने वाले पात्र उत्पादों को जीरो प्रतिशत टैक्स का लाभ इसलिए मिल सकता है, क्योंकि अमेरिका के साथ उनका इस समय व्यापार और सुरक्षा ढांचा समझौता है या आने वाले दिनों में यह समझौता हो सकता है. यह छूट व्यापार विस्तार अधिनियम की धारा 232 के तहत दवाओं और दवा कंपोनेंट्स के इंपोर्ट पर दी जा रही है. 

यह भी पढ़ेंः उज्जैन शाही मस्जिद को लेकर ओवैसी पर भड़के गिरिराज, कहा- ‘पाकिस्तान बनाने की…’



Source link