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  • संसद ने अब तक छह विधेयक पारित किए हैं।

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत को बुधवार (5 अगस्त, 2026) तक 17 दिन पूरे हो चुके हैं और इस सत्र का समापन अगले हफ्ते गुरुवार (13 अगस्त, 2026) को हो जाएगा. इस बीच एक चर्चा सामने आई कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण बिल और डिमिटेशन बिल पर चर्चा करने के लिए जारी मानसून सत्र की अवधि को बढ़ा सकती है या फिर स्वतंत्रता दिवस के समापन के अगले दिन 16 से 18 अगस्त के बीच संसद का एक विशेष सत्र बुला सकती है.

इस चर्चा के सामने आने के बाद अब केंद्र सरकार ने इस पर प्रतिक्रिया दी है. केंद्र सरकार ने मानसून सत्र को आगे बढ़ाने या विशेष सत्र बुलाने के लिए किसी भी प्रस्ताव मिलने की चर्चा को सिरे से खारिज कर दिया है. 

संसद के विशेष सत्र को लेकर बोले केंद्रीय मंत्री

मानसून सत्र की तारीखों को लेकर सामने आई अटकलों और चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, ‘संसद के मानसून सत्र की किसी भी तारीख को आगे बढ़ाने को लेकर अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं मिला है. इसके अलावा, महिला आरक्षण बिल और डिलिमिटेशन बिल पर चर्चा के लिए 16 से 18 अगस्त, 2026 के बीच कोई विशेष सत्र आयोजित नहीं किया जाएगा.’ 

कब तक चलेगा संसद का मानसून सत्र?

केंद्र सरकार की तरफ से यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही विपक्ष के लगातार हंगामे की वजह से बार-बार स्थगित हो रही है और संसद में तनाव की स्थिति देखी जा रही है. इस साल केंद्र सरकार ने मानसून सत्र के लिए 20 जुलाई से लेकर 13 अगस्त, 2026 तक का समय निर्धारित किया है.

मानसून सत्र की अब तक की कार्यवाही के दौरान संसद ने छह महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कर दिया है. इसमें एंटी पेपर लीक, वंदे मातरम् के सम्मान, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, सूक्ष्म, लघू एवं मध्यम उद्यम विकास और सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने संबंधी संशोधन विधेयक पारित किए जा चुके हैं. 

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