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Vande Matram Row: राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. बीजेपी से लेकर जेडीएस तक, सभी की तरफ से सोनिया गांधी को निशाना बनाकर हमले किए जा रहे हैं. इसी बीच, हासन में केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने सोनिया गांधी पर बड़ा तंज कसा. उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी इस तरह के ‘‘मूर्खतापूर्ण कारण’’ देकर नहीं बच सकतीं, क्योंकि जनता सब देख रही है. 

कुमारस्वामी के बयान से नया विवाद

उन्होंने आगे कहा, ‘‘आप सोनिया गांधी से क्या उम्मीद कर सकते हैं? क्या वे हमारे देश की हैं? उन्होंने शादी की और यहां आकर बस गईं. लेकिन उनकी रगों में इटली का खून दौड़ रहा है.’’ कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि वह इस बात पर चर्चा करना कि सोनिया गांधी इस तरह का व्यवहार क्यों कर रही हैं, अर्थहीन है. उन्होंने कहा कि देश की जनता सच्चाई देख सकती है.

दूसरी तरफ, बीजेपी सांसद और वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी राष्ट्रीय गीत और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को लेकर दोहरा रवैया अपना रही है. भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस मुख्यालय पर प्रेसवार्ता कर सोनिया गांधी पर भी निशाना साधा. 

बीजेपी का सोनिया पर अटैक

रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान ऐसा लगा कि सोनिया गांधी पूरे वंदे मातरम के गायन पर आपत्ति जता रही थीं. हालांकि, कांग्रेस की ओर से बाद में इसका अलग स्पष्टीकरण दिया गया था. रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के मीडिया प्रमुख द्वारा दिए गए उस स्पष्टीकरण को खारिज करते हुए कहा कि सोनिया गांधी केवल खड़गे के लिए कुर्सी की व्यवस्था कर रही थीं, यह तर्क पूरी तरह गलत है.

बीजेपी सांसदों ने इसके बाद गोवा में कांग्रेस के एक कार्यक्रम का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि वहां भी वंदे मातरम के केवल दो पद गाए गए. प्रसाद ने इसे कांग्रेस की कथित विचारधारा और उसके रवैये से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि आखिर राष्ट्रीय गीत को लेकर पार्टी का दृष्टिकोण क्या है.

उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस इस तरह की गतिविधियां करती रहेगी तो उसे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन पर एकाधिकार का दावा करना बंद कर देना चाहिए. प्रसाद के मुताबिक, वंदे मातरम देश के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला राष्ट्रीय गीत रहा है और इसकी ऐतिहासिक भूमिका को राजनीतिक सुविधा के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए. रविशंकर प्रसाद ने मल्लिकार्जुन खड़गे के उन सवालों का भी जवाब दिया, जिनमें भाजपा नेताओं की स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका पर सवाल उठाए जाते हैं.

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