गर्मियों में पसीना ज्यादा आता है। इसलिए शरीर की पानी की जरूरत बढ़ जाती है। अगर पानी की ये अतिरिक्त जरूरत पूरी न की जाए तो डिहाइड्रेशन हो सकता है। डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी। इसका सीधा प्रभाव शरीर के सभी अंगों पर पड़ता है। दरअसल, शरीर में करीब 60-70% पानी होता है। ब्रेन और हार्ट में लगभग 73%, मांसपेशियों और किडनी में करीब 79%, स्किन में 64% और फेफड़ों में लगभग 83% पानी होता है। इसलिए शरीर में पानी की कमी से गंभीर समस्या हो सकती है। इसलिए आज जरूरत की खबर में डिहाइड्रेशन की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- डिहाइड्रेशन क्या होता है? जवाब- डिहाइड्रेशन एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें शरीर में पानी और जरूरी फ्लूइड (तरल पदार्थ) की कमी हो जाती है। इससे शरीर सामान्य तरीके से काम नहीं कर पाता है। यह तब होता है, जब शरीर से पसीना, पेशाब, उल्टी या दस्त के जरिए ज्यादा तरल बाहर निकल जाता है। इससे शरीर में पानी का संतुलन बिगड़ जाता है और डिहाइड्रेशन की स्थिति बन जाती है। सवाल– शरीर में पानी का संतुलन (वाटर बैलेंस) रहना क्यों जरूरी है? क्या पानी की कमी लाइफ थ्रेटनिंग भी हो सकती है? जवाब- शरीर के हर अहम फंक्शन के लिए पानी बेहद जरूरी है। जैसे- शरीर में पानी की कमी से ये स