एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी (AINU) के मुताबिक, गर्मियों में किडनी स्टोन (पथरी) के मामले बढ़ जाते हैं। गर्मियों में टेम्परेचर बढ़ने से डिहाइड्रेशन का रिस्क बढ़ता है। इससे किडनी में कैल्शियम और अन्य मिनरल के क्रिस्टल्स जमा होकर स्टोन में बदल जाते हैं। ‘नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 12% से ज्यादा लोगों को किडनी स्टोन की समस्या है। इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज किडनी स्टोन की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- क्या गर्मियों में किडनी स्टोन का रिस्क बढ़ता है? जवाब- हां, गर्मियों में किडनी स्टोन का जोखिम बढ़ सकता है। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- किडनी स्टोन कब बनता है और मौसम से क्या संबंध है? जवाब- यूरिन में कैल्शियम, ऑक्सलेट और यूरिक एसिड बढ़ने से क्रिस्टल बनते हैं, जो पानी की कमी में बाहर नहीं निकलते और स्टोन बन जाते हैं। मौसम का सीधा संबंध नहीं है, लेकिन गर्मियों में डिहाइड्रेशन बढ़ने से जोखिम बढ़ जाता है। सवाल- किडनी स्टोन होने पर क्या लक्षण दिखते हैं? जवाब- किडनी स्टोन में पेशाब से जुड़ी समस्याएं होती हैं। इसके कारण कमर या पेट में तेज दर्द हो सकता है। इसके सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन लापरवाहियों से गर्मियों में किडनी स्टोन का रिस्क बढ़ता है? जवाब- गर्मियों में लाइफस्टाइल की छ